नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय सांकेतिक भाषा प्रशिक्षण केंद्र और NCERT के बीच सांकेतिक भाषा के लिए एक मेमोरेंडम साइन किया गया है। सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तरफ से कहा गया है कि इसके जरिये बोलने या सुनने में कठिनाई वाले बच्चों को आसानी से शैक्षिक सामग्री मिलेगी। इस फैसले का सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक निर्णय है और अलग-अलग लोगों को सशक्त बनाएगा। 

मंगलवार को हुआ था करार

केंद्र ने देशभर के मूक-बधिरों के लिए सांकेतिक भाषा में अब एक स्टैडर्ड डिजिटल पाठ्यक्रम तैयार करने लिया है। मंगलवार को इसे लेकर एनसीईआरटी और इंडियन साइन लैंग्वेज रिसर्च एंड ट्रेनिंग सेंटर के बीच एक करार हुआ है। इसके तहत एनसीईआरटी कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक की सभी किताबों को सांकेतिक भाषा में डिजिटल तरीके से तैयार करेगी। जो हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में होगी।

एनसीईआरटी के 60वें स्थापना दिवस पर हुआ करार

एनसीईआरटी के 60वें स्थापना दिवस के मौके पर शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री थावर चंद गहलोत की मौजूदगी में यह करार हुआ। मूक-बधिर बच्चे अब बगैर शिक्षकों के भी इसे देखकर पढ़ सकेंगे। वैसे भी देश के ज्यादा हिस्सों में सांकेतिक भाषा में पढ़ाने वाले शिक्षकों की कमी है। ऐसे में इन बच्चों को इससे बड़ी सहूलियत मिलेगी। केंद्रीय शिक्षा मंत्री निशंक ने कहा कि इस पहल से उन सभी विद्याíथयों और शिक्षकों को लाभ मिलेगा, जो सुन नहीं सकते या कम सुन पाते हैं।

कोरोना संकट में हुआ करार

बता दें कि यह कोरोना संकट के समय में लिया गया है। इस वक्त देश में कोरोना से सभी परेशान है। देश में प्रत्येक दिन संक्रमण के नए मामले आ रहे हैं। कोरोना का कुल आंकड़ा बढ़कर 67 लाख 57 हजार 132 तक पहुंच गया है। इसके साथ ही देश में कोरोना नमूनों के टेस्ट भी हो रहे हैं। कोरोना टेस्ट के मामले में भारत, दूसरे नंबर पर पहुंच गया है। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद(आइसीएमआर) के ताजा आंकड़ों के मुताबिक, देश में अब तक कुल 8 करोड़ 22 लाख 71 हजार 654 सैंपल टेस्ट किए गए हैं। मंगलवार को 11 लाख 99 हजार 857 लाख नमूनों की जांच की गई। 

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस