श्रीनगर, एएनआइ। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP) प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को कहा कि विवेक अग्निहोत्री की निर्देशित 'द कश्मीर फाइल्स' फिल्म की वजह से जम्मू-कश्मीर में हिंसा की घटना बढ़ी है। उन्होंने आगे कहा कि इस फिल्म की वजह से केंद्र शासित प्रदेश में हिंसा को बढ़ी है। उन्होंने आगे यह भी दावा किया कि उन्होंने बतौर मुख्यमंत्री कश्मीरी पंडितों के लिए जम्मू-कश्मीर में एक सुरक्षित वातावरण बनाया था। बता दें कि कुछ दिनों पहले अनंतनाग में कश्मीरी पंडित सरकारी कर्मचारी राहुल भट की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

कश्मीर फाइल्स की वजह से शुरू हुई हिंसा

मुफ्ती ने संवाददाताओं से कहा कि हमने कश्मीरी पंडितों के लिए एक सुरक्षित माहौल बनाया है। 2016 में चरम अशांति के दौरान, कोई हत्या नहीं हुई थी, लेकिन कश्मीर फाइल्स फिल्म की वजह से फिर से हिंसा शुरू हो गई है। इसके अलावा, मुफ्ती ने ज्ञानवापी विवाद को लेकर भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा और कहा कि 'वे (केंद्र) हमारी सभी मस्जिदों के पीछे पड़े हैं।

जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि वे (केंद्र) वास्तविक विषयों से ध्यान हटाने के लिए हिंदू-मुस्लिम मुद्दे पैदा कर रहे हैं और अब ज्ञानवापी मस्जिद के पीछे हैं। वे हमारी सभी मस्जिदों के बाद हैं। हमारे भगवान जहां कहीं भी पूजा करते हैं, हमें उन सभी मस्जिदों की सूची दें जिन पर आप नजर रख रहे हैं।

ज्ञानवापी मस्जिद में मिला शिवलिंग

इस बीच, वाराणसी में काशी विश्वनाथ मंदिर-ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के अदालत द्वारा आदेशित वीडियोग्राफी सर्वेक्षण के तीसरे दिन सोमवार को संपन्न हुआ, मामले में हिंदू याचिकाकर्ता सोहन लाल आर्य ने दावा किया कि समिति को परिसर में एक शिवलिंग मिला।

ज्ञानवापी मस्जिद परिसर के सर्वेक्षण पर रोक लगाने की मांग वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई से एक दिन पहले यह फैसला आया है। न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद समिति की याचिका पर कल 17 मई को सुनवाई करेगी। हालांकि तीन दिन लंबा सर्वेक्षण पूरा हो चुका है।

इससे पहले दिन में, फारूक अब्दुल्ला ने सोमवार को 'द कश्मीर फाइल्स' पर प्रतिबंध लगाने का आह्वान करते हुए आरोप लगाया कि इस फिल्म ने 'देश में नफरत का माहौल' बनाया है।

Edited By: Piyush Kumar