मेघालय, एजेंसी। Meghalaya Mine Tragedy, नौसेना ने 42 दिन बाद पू्र्वी जयंतिया हिल्स में स्थित गैरकानूनी कोयला खदान से 370 फुट की गहराई से एक शव को बाहर निकाला है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस शव को पिछले हफ्ते देखा गया था, जिसके बाद से इसे निकालने की कोशिश की जा रही थी। 

बता दें कि इससे पहले केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से कहा था कि मेघालय की गैरकानूनी कोयला खदान में फंसे 15 मजदूरों के निकाले जाने तक वह अभियान बंद नहीं करेगा। राज्य के रैट-होल कोयला खदान में पानी भर जाने से मजदूर फंसे हुए थे।

राज्य सरकार ने अपनी रिपोर्ट में शीर्ष कोर्ट से कहा है कि 16 जनवरी को नौसेना के रिमोट संचालित वाहन ने 210 फीट की गहराई पर एक शव खोजा था। शव को बाहर लाने का प्रयास किया गया लेकिन सफलता नहीं मिल पाई है क्योंकि शरीर का हिस्सा अलग होने लगा है।

जस्टिस एके सीकरी और जस्टिस एस अब्दुल नजीर की पीठ ने कहा था कि केंद्र और राज्य याची आदित्य एन. प्रसाद द्वारा बचाव अभियान के संबंध में दिए गए सुझाव पर ध्यान दें। इसके बाद पीठ ने मामले पर अगले सप्ताह सुनवाई तय कर दी। जनहित याचिका में 13 दिसंबर से खदान में फंसे 15 मजदूरों को बाहर लाने के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की गई है।

केंद्र की ओर से पेश सालिसिटर जनरल तुषार मेहता ने इसे मानवीय त्रासदी बताया है। केंद्र और राज्य दोनों ही अभियान बंद नहीं कर रहे हैं और मजदूरों को बचाने के लिए कदम उठा रहे हैं।

Posted By: Tanisk

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