शिलांग (पीटीआई)। मेघालय लोकायुक्त ने मंगलवार को सभी सरकारी कर्मचारियों से अपनी सम्पत्ति और देनदा‍री का विवरण घोषित करने को कहा है। इसमें पत्नी और बच्चों की सम्पत्ति को भी शामिल करना होगा। यह आदेश सोमवार को भ्रष्टाचार के खिलाफ दायर एक शिकायत के बाद जारी किया गया है। लोकायुक्त के चेयरपर्सन पीएम मुसाहारी ने राज्य के प्रमुख सचिव को जारी आदेश में मुसाहारी ने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य राज्य से भ्रष्टाचार को पूरी तरह खत्म करना है। इसमें 30 दिन का समय दिया गया है। श्री मुसाहारी गोवाहाटी हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज हैं, जिन्हें पिछले साल मेघालय लोकायुक्त का चेयरपर्सन बनाया गया है।

लोकायुक्त के अधिकार 

सेवानिवृत्त न्यायाधीश पीएम मुसाहारी ने पिछले साल नवंबर में मेघालय में लोकायुक्त की शपथ ली थी। लोकायुक्त के पास भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने की शक्ति है। सरकारी अधिकारी-कर्मचारियों सहित मंत्री और विधायक भी इसके दायरे में हैं।  

लोगों को किया था जागरूक

मेघालय में लोकायुक्त की नियुक्ति के बाद लोगों को शिकायत करने के लिए जागरूक किया था। इसके अलावा शिकायत करने का तरीका भी बताया गया था। जानकारी के अनुसार राज्य के अनेक समूहों द्वारा लोकायुक्त के गठन के लिए लंबे समय तक आंदोलन किया था। 

एक साल में होना थी नियुक्ति

लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक 2013 की धारा 63 के अनुसार संसद से इस कानून को पारित किए जाने के एक साल के भीतर सभी राज्यों में लोकायुक्त की नियुक्ति होना थी, हालांकि कई राज्यों में इनकी नियुक्ति में विलंब हुआ। जिसमें मेघालय भी शामिल है। लोकपाल और लोकायुक्त विधेयक जनवरी 2014 को लागू हुआ था।

100 करोड का आसामी निकला था आबकारी अायुक्त

अक्‍टूबर 2019 में मप्र के इंदौर में पदस्थ सहायक आबकारी आयुक्त आलोक खरे के ठिकानों पर लोकायुक्‍त ने छापेमार कार्रवाई की थी। इस दौरान भोपाल, रायसेन, इंदौर, ग्वालियर और छतरपुर स्थित कई ठिकानों पर लोकायुक्त पुलिस की टीमों ने छापा मारा था। पड़ताल में खरे के पास करोड़ों की चल-अचल संपत्ति का खुलासा हुआ था। अनुमान के मुताबिक खरे के पास 100 करोड़ की संपत्ति हो सकती है। लोकायुक्त की जांच टीमों को फार्म हाउस, आलीशान बंगले, कई प्लॉट, कृषि भूमि, ऑफिस, लग्जरी कार, 79 लाख रुपए कीमत का सोना, 6 लाख रुपए कीमत की चांदी एवं 15 लाख रुपए नकद सहित करोड़ों रुपए मूल्य की चल-अचल संपत्ति के दस्तावेज मिले हैं। इसके अलावा भी प्रदेश में अनेक अधिकारियों पर अब तक लोकायुक्‍त ने शिकंजा कसा है। 

Posted By: Jagran News Network

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