शिलांग (मेघालय), पीटीआइ। कोरोना वायरस को लेकर देश में जारी 21 दिनों के लॉकडाउन का आज तीसरा दिन है। इस लॉकडाउन में जरूरी समान ले जेने के लिए छूट दी गई है। इसके बीच मेघालय ने असम पर आरोप लगाते हुए कहा है कि आवश्यक वस्तुओं को लाने वाले ट्रकों को असम के गोदामों से निकलने नहीं दिया जा रहा है और ट्रक ड्राइवरों पर क्वारंटाइन मुहर लगाई जा रही है।

अधिकारियों ने कहा कि मेघालय सरकार ने असम सरकार के साथ इस मामले को लेकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है। इधर मेघालय के मुख्य सचिव एम एस राव ने असम में अपने समकक्ष को एक पत्र लिखा है। उन्होंने कहा है कि मेघालय आवश्यक आपूर्ति के लिए गुवाहाटी के बाजारों पर निर्भर है। इसके साथ ही संबंधित अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए जाने का अनुरोध किया गया है।

असम के मुख्य सचिव संजय कृष्ण को लिखे पत्र में राव ने कहा कि स्वास्थ्य अधिकारी केवल उन ड्राइवरों पर क्वारंटाइन मुहर लगाए, जिसमें कोरोना वायरस के कुछ लक्षण दिखाते हैं। अगर यह सभी ड्राइवरों के सात किया जाता है, तो यह एक गंभीर मामला होगा।

वहीं उप मुख्यमंत्री प्रिस्टोन तिनसॉन्ग ने पीटीआई को बताया कि मेघालय में कोरोना वायरस का एक भी मामला दर्ज नहीं किया गया है। प्रत्येक जिला मुख्यालय पर आइसोलेशन वार्ड बनाने की तैयारी युद्ध स्तर पर है और लोगों को उनके घर पर भोजन की आपूर्ति की जा रही है।

उन्होंने कहा कि मेघालय में केवल चार वेंटिलेटर उपलब्ध हैं। राज्य सरकार ने एहतियात के तौर पर 30 और वेंटिलेटर खरीदे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि अस्पतालों को महामारी से निपटने के लिए सभी जरूरी सामान उपलब्ध किया जाए। मुख्यमंत्री कोनराड संगमा ने जनता से न घबराने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अगर लोग सरकार के निर्देशों का पालन नहीं करेंगे, तो देश में लॉकडाउन का उद्देश्य पूरा नही हो पाएगा।

Posted By: Manish Pandey

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