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दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का महाकुंभ, पढ़ें क्या है AI समिट और आम लोगों को होंगे कौन-कौन से फायदे?

Published: Tue, 17 Feb 2026 09:08 AM (IST)Updated: Tue, 17 Feb 2026 11:04 AM (IST)

दिल्ली में 16-20 फरवरी, 2026 तक 'एआई इंपैक्ट समिट' का आयोजन हो रहा है। इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय द्वारा आयोजित ...और पढ़ें

एआई इंपैक्ट समिट 2026

एआई इंपैक्ट समिट 2026

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जागरण न्यूज नेटवर्क, नई दिल्ली। सोमवार (16 फरवरी, 2026) से शुक्रवार (20 फरवरी, 2026) तक चलने वाले आर्टिफिशियल इंटेलिजेंसके महाकुंभ एआई इंपैक्ट समिट 2026 में हिस्सा लेने के लिए दुनियाभर के दिग्गज दिल्ली पहुंच चुके हैं।

इस शिखर सम्मेलन के जरिये तेजी से बदलती एआई की दुनिया को समझना और आम लोगों तक इसके फायदे और असर को पहुंचाना आसान हो सकता है। समिट की महत्ता इसी बात से समझी जा सकती है कि इसमें न केवल टेक कंपनियों के दिग्गज, बल्कि अनेक देशों के प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति भी हिस्सा ले रहे हैं।

एआई इंपैक्ट समिट क्या है?

इंडिया एआई इंपैक्ट समिट 2026 भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय और इंडिया एआई मिशन की पहल है। यह पांच दिन का कार्यक्रम है, जिसमें पॉलिसी, रिसर्च, इंडस्ट्री और आम भागीदारी, सबको जोड़ा गया है। सरकार ने इस समिट की थीम रखी है- सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय।

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इस समिट में क्या होगा?

समिट में टेक लीडर्स एआई को लेकर भविष्य की योजना बताएंगे। एक्सपो में 300 से ज्यादा प्रोजेक्ट दिखाए जाएंगे। यहां लोग जान सकेंगे कि अभी एआई में क्या नया हो रहा है और भविष्य में क्या बदलाव आनेवाला है। विशेषज्ञ बताएंगे कि अब तक क्या रिसर्च हुई है और आगे किन विषयों पर काम चल रहा है। साथ ही एआई से जुड़ी चुनौतियों पर भी चर्चा होगी।

इससे पहले कहां हो चुकी है समिट?

साल 2023 में सबसे पहले एआई समिट ब्रिटेन में हुई थी। इसमें एआई से जुड़े खतरों और सुरक्षा पर चर्चा हुई थी। इसके बाद मई, 2024 में दक्षिण कोरिया में एआई को सुरक्षित और समावेशी बनाने पर जोर दिया गया था। फरवरी, 2025 में पेरिस में एआई एक्शन समिट में एआई को सार्वजनिक हित और टिकाऊ विकास से जोड़ने पर चर्चा हुई थी।

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पिछली सभी समिट का क्या परिणाम रहा?

2023 में ब्रिटेन में हुई समिट में गोपनीयता, डाटा सुरक्षा, जवाबदेही और मानव निगरानी जैसे मुद्दों को उठाया गया। सियोल में एआई जोखिम को समझने और जांचने के लिए वैज्ञानिक सहयोग जरूरी बताया गया। पेरिस में 2025 की समिट में कहा गया कि एआई का उपयोग सार्वजनिक भलाई के लिए होना चाहिए।

दिल्ली की समिट की क्या है अहमियत?

दिल्ली समिट को सरकार ग्लोबल साउथ में पहली वैश्विक एआई समिट बता रही है। इस बार चर्चा सिर्फ एआई के खतरे तक नहीं, बल्कि इस पर है कि एआई का फायदा गरीब और मध्यम वर्ग तक कैसे पहुंचे। सरकार ने इसे एआई विभाजन को खत्म करने की दिशा में एक कदम बताया है। यानी तकनीक से लैस और तकनीक रहित लोगों के बीच दूरी कम हो।

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दिल्ली की समिट की क्या है अहमियत?

दिल्ली समिट को सरकार ग्लोबल साउथ में पहली वैश्विक एआई समिट बता रही है। इस बार चर्चा सिर्फ एआई के खतरे तक नहीं, बल्कि इस पर है कि एआई का फायदा गरीब और मध्यम वर्ग तक कैसे पहुंचे। सरकार ने इसे एआई विभाजन को खत्म करने की दिशा में एक कदम बताया है। यानी तकनीक से लैस और तकनीक रहित लोगों के बीच दूरी कम हो।

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एआई इंपैक्ट समिट में हिस्सा लेंगे ये दिग्गज

इंडिया एआई इंपैक्ट समिट में 100 से ज्यादा देशों का प्रतिनिधिमंडल हिस्सा लेगा। 20 सरकारों के प्रमुख, कई देशों के मंत्री और दुनियाभर की प्रमुख कंपनियों के 50 से ज्यादा सीईओ शामिल होंगे। इसमें भारतीय कंपनियों के प्रमुख भी होंगे। समिट में एआई इकोसिस्टम से जुड़े करीब 500 लोग हिस्सा लेंगे, जिसमें इनोवेटर्स, रिसर्चर, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर शामिल हैं।

भारत से आरआईएल के प्रमुख मुकेश अंबानी, टाटा संस के नटराजन चंद्रशेखरन, इंफोसिस के नंदन नीलेकणी, भारती समूह के सुनील भारती मित्तल, टीसीएस के के कृतिवासन, एचसीएल टेक की रोशनी नादर, इंफोसिस के सलिल पारेख जैसे दिग्गज शामिल हो सकते हैं।

सैम अल्टमैनसैम

अल्टमैन ओपन एआई के सह संस्थापक और सीईओ हैं। उन्होंने चैटजीपीटी जैसे एडवांस एआई मॉडल को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अहम भूमिका निभाई है।

ब्रैड स्मिथ ब्रैड

स्मिथ माइक्रोसाफ्ट के अध्यक्ष हैं। कंपनी में वह कानूनी मामलों, नियामक नीतियों और तकनीकी नैतिकता से जुड़े विषयों को देखते हैं।

यान लेकुनयान लेकुन

मेटा में चीफ एआई विज्ञानी हैं। डीप लर्निंग और कन्वोल्यूशनल न्यूरल नेटवर्क (सीएनएन) के विकास में उनकी विशेष भूमिका रही है।

क्रिस्टियानो एमोन

क्रिस्टियानो एमोन क्वालकाम के सीईओ हैं। सेमीकंडक्टर और 5जी तकनीक में उनकी अहम भूमिका रही है। मोबाइल चिपसेट और आइओटी को उन्होंने आगे बढ़ाया है।

डारियो अमोडेईडारियो

अमोडेई एंथ्रोपिक के सह-संस्थापक और सीईओ हैं। एडवांस लैंग्वेज माडल के विकास में उनका खास योगदान माना जाता है।

डेमिस हसाबिस

डेमिस हसाबिस ब्रिटिश एआई विज्ञानी हैं। वह डीपमाइंड के सह-संस्थापक और सीईओ हैं। हसाबिस को न्यूरोसाइंस और एआई के क्षेत्र में अग्रणी रिसर्चर माना जाता है।

सुंदर पिचाई

सुंदर पिचाई गूगल और अल्फाबेट के सीईओ हैं। उन्होंने तकनीकी इनोवेशन में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

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