नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। भारत में खसरे के मामलों में इस साल इजाफा देखने को मिला है। जानकारी के अनुसार, भारत में इस साल खसरे के 12,773 मामले सामने आए हैं, जो पिछले चार साल में सबसे ज्यादा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा इसकी पुष्टि की गई है।

भारत में बढ़े खसरे के मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, भारत में इस साल खसरे के मामले बढ़े हैं। देश में इस साल खसरे के करीब 12 हजार 773 मामले मिले हैं। WHO की मानें तो देश में खसरे के मामले में और भी इजाफा हो सकता है। इसकी एक बड़ी वजह महाराष्ट्र, झारखंड, गुजरात और केरल जैसे राज्यों में खसरे को मामलों में वृद्धि होना है।

जनवरी से अक्टूबर तक तेजी से बढ़े केस

विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के मुताबिक, जनवरी में खसरे के 630 मामले सामने आए थे। इसके अलावा फरवरी में 802, मार्च में 1,383, अप्रैल में 1,511, मई में 1,455, जून में 1,396, जुलाई में 1,715, अगस्त में 1,640 और सितंबर में 1,772 दर्ज किए गए हैं। हालांकि, इस दौरान खसरों के मामलों में तेजी से वृद्धि हुई है। WHO के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर में 469 मामले सामने आए हैं। जो जनवरी के बाद मिले सबसे कम मामले हैं।

बच्चों को बुरी तरह से करता है प्रभावित

बता दें कि खसरा एक श्वसन वायरस के कारण होता है और ये ज्यादातर बच्चों को प्रभावित करता है। खसरा संक्रामक मानव वायरसों में से एक है। इसका कोई इलाज उपलब्ध नहीं है, लेकिन टीकाकरण के माध्यम से इस बीमारी को लगभग पूरी तरह से रोका जा सकता है।

WHO और सीडीसी ने क्या कहा

WHO और यूएस सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन (सीडीसी) ने गुरुवार को जारी एक संयुक्त बयान में कहा कि समुदायों की रक्षा करने और खसरे को खत्म करने के लिए खसरा युक्त टीकों की दो खुराकों में से 95% या उससे अधिक के लक्ष्य को हासिल करने की आवश्यकता है। हालांकि, भारत में 'खसरा और रूबेला युक्त वैक्सीन' (MRCV) की पहली खुराक 89% और दूसरी खुराक को 82% तक दिया गया है।

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Edited By: Mohd Faisal

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