'मतुआ शरणार्थियों को डरने की जरूरत नहीं', घुसपैठ के मुद्दे पर बंगाल से पीएम मोदी का ममता सरकार पर प्रहार
प्रधानमंत्री मोदी ने मालदा में टीएमसी सरकार पर घुसपैठ और शरणार्थियों के मुद्दे पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मतुआ शरणार्थियों ...और पढ़ें

घुसपैठ के मुद्दे पर बंगाल से पीएम मोदी का ममता सरकार पर प्रहार (फाइल फोटो)
HighLights
पीएम मोदी ने मालदा में टीएमसी सरकार पर साधा निशाना।
मतुआ शरणार्थियों को घुसपैठ पर डरने की जरूरत नहीं, दिया भरोसा।
देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई।
अरविंद शर्मा, जागरण। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने घुसपैठ और शरणार्थियों के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए तृणमूल सरकार पर तीखा हमला बोला। पश्चिम बंगाल के मुस्लिम-बहुल जिला मालदा में शनिवार को जनसभा को संबोधित करते हुए मोदी ने बांग्लादेश से प्रताडि़त होकर आए मतुआ शरणार्थियों को भरोसा दिया कि उन्हें डरने की जरूरत नहीं है।
इसके पहले उन्होंने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर 'कनेक्टिविटी पॉलिटिक्स' को नया आयाम दिया। मोदी ने ममता सरकार को बेरहम बताया और कहा कि बंगाल के लोगों को आयुष्मान भारत बीमा योजना का लाभ नहीं लेने दिया जा रहा है।
उन्होंने एलान किया कि तृणमूल सरकार को हटाकर बंगाल में सुशासन की सरकार लाना है। प्रधानमंत्री ने घुसपैठ को बंगाल के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया और कहा कि बड़े पैमाने पर अवैध प्रवासन से न सिर्फ राज्य की जनसांख्यिकी बदली है, बल्कि कई इलाकों में दंगों की स्थिति बन गई है, जो तृणमूल की “संरक्षण और सिंडिकेट राज'' की देन है। राज्य में घुसपैठियों और सत्तारूढ़ दल के बीच सांठगांठ है।
मतुआ समुदाय को पीएम मोदी ने दिलाया भरोसा
प्रधानमंत्री ने कहा कि विकसित देश भी अवैध प्रवासियों की पहचान कर उन्हें बाहर निकालने के लिए सख्त कदम उठा रहे हैं। बंगाल में भी यह जरूरी है ।मतदाता सूची पुनरीक्षण पर चल रहे विवाद के बीच प्रधानमंत्री ने शरणार्थियों, विशेषकर राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण मतुआ समुदाय को भरोसा दिलाते हुए कहा कि जो लोग धार्मिक उत्पीड़न के कारण भारत आए हैं, उन्हें चिंता करने की जरूरत नहीं है।
राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर उनके अधिकारों की रक्षा होगी। पीएम का आश्वासन ऐसे समय आया है, जब विपक्ष इस मुद्दे पर भ्रम फैलाने का आरोप लगा रहा है।प्रधानमंत्री ने तृणमूल सरकार को बेरहम और गरीबों की दुश्मन बताते हुए कहा कि बंगाल एकमात्र ऐसा राज्य है, जहां आयुष्मान भारत स्वास्थ्य बीमा योजना लागू नहीं हुई।
उन्होंने आरोप लगाया कि तृणमूल सरकार जानबूझकर रोक रही है और इस सरकार को बंगाल से विदा करना बहुत जरूरी है। मोदी ने कहा कि दशकों तक पूर्वी भारत उन लोगों के कब्जे में रहा, जो बांटने की राजनीति करते थे। भाजपा ने बिहार, ओडिशा, त्रिपुरा और असम में सुशासन का मॉडल स्थापित किया है और वहां विकास की रफ्तार बदली है।
बिहार में भाजपा की चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए उन्होंने दोहराया कि अगला नंबर बंगाल का है। चारों ओर से भाजपा शासित राज्यों से घिरा बंगाल बदलाव के लिए तैयार है। युवाओं पर फोकस करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि भाजपा के विकास माडल पर देश की 'जेन-जी' को भरोसा है।
पहले भाजपा के लिए चुनाव जीतना असंभव माना जाता था, लेकिन अब अभूतपूर्व समर्थन मिल रहा है। महाराष्ट्र के नगर निकाय चुनाव में बढ़त का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि यह भरोसा विकास और सुशासन की राजनीति का परिणाम है। प्रधानमंत्री ने बंगाल की पुरानी गरिमा लौटाने का वादा किया। किसानों और युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करने की बात कही और विशेष रूप से मालदा की आम-आधारित अर्थव्यवस्था को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का वादा किया।
पीएम ने देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को दिखाई हरी झंडी
प्रधानमंत्री ने मालदा से देश की पहली वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को हरी झंडी दिखाई, जो हावड़ा और गुवाहाटी (कामाख्या) के बीच चलेगी। यह पूरी तरह वातानुकूलित है। इससे यात्रा का समय करीब ढाई घंटे कम हो जाएगा। अभी इस मार्ग पर ट्रेन से सफर में 18 घंटे लगते हैं। प्रधानमंत्री ने इस मौके पर 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की रेल और सड़क परियोजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास किया।
उन्होंने कहा कि देश में अब 150 से ज्यादा वंदे भारत ट्रेनें चल रही हैं। हम आज अमेरिका व यूरोप से ज्यादा इंजन और कोच बना रहे हैं। भारत कई देशों को निर्यात भी कर रहा है, जिससे अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है। पीएम ने वर्चुअली चार अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनों को भी हरी झंडी दिखाई और चार नई रेलवे परियोजनाओं की आधारशिला रखी, जिससे पूर्वोत्तर और पूर्वी भारत की रेल कनेक्टिविटी और बेहतर होगी।
