राज्य ब्यूरो, मुंबई । राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार ने पार्टी के नेता समीर भुजबल की गिरफ्तारी पर नाराजगी व्यक्त की है। पवार ने कहा है कि उन्होंने सत्ता का ऐसा दुरुपयोग इससे पहले कभी नहीं देखा।

पवार ने कहा कि उन्होंने कांग्रेस-राकांपा की सरकारों के अलावा भी कई सरकारें देखी हैं। यहां तक कि 1995 में बनी शिवसेनानीत सरकार को भी काफी नजदीक से देखा है। लेकिन लोकतंत्र में सत्ता का इतना दुरुपयोग होते कभी नहीं देखा। राज्य की भाजपानीत सरकार पर बरसते हुए उन्होंने कहा, 'वह जिसे चाहे भ्रष्टाचार के आरोप में फंसा सकती है। कल को मेरा नाम भी लिया जा सकता है।' पवार ने महाराष्ट्र सदन मामले में छगन भुजबल द्वारा लिए गए निर्णय का बचाव करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार में कोई भी निर्णय मंत्रियों का एक समूह मिलकर करता है। यह निर्णय भी मंत्रिमंडल द्वारा लिया गया था। हालांकि पवार ने छगन भुजबल को जांच में सहयोग करने की सलाह दी है।

गौरतलब है कि समीर भुजबल को प्रवर्तन निदेशालय ने सोमवार को करीब छह घंटे की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया था। उन्हें दिल्ली स्थित महाराष्ट्र सदन के निर्माण घोटाले में गिरफ्तार किया गया है। प्रवर्तन निदेशालय से जुड़े सूत्रों का कहना है कि समीर भुजबल उनके विरुद्ध चल रही जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे। इसलिए उनकी गिरफ्तारी जरूरी हो गई थी।

..तो वे भगवान नहीं हो सकते

राकांपा अध्यक्ष ने शनि शिंगणापुर मामले में पूछे गए एक सवाल का जवाब देते हुए कहा कि वे कैसे भगवान हो सकते हैं, जो मंदिर में महिलाओं को प्रवेश न दें। मैं ऐसे भगवान में भरोसा नहीं करता। मेरे भगवान स्त्री-पुरुष में भेद नहीं कर सकते। पवार ने कहा कि मंदिर प्रबंधन से उन्होंने अपने निर्णय पर पुनर्विचार कर महिलाओं को शनि मंदिर में प्रवेश देने का आग्रह किया है। सरकार इस मामले में परंपरा एवं गांववालों की मर्जी के विरुद्ध जाकर ज्यादा कुछ नहीं कर सकती है। पहले गांववालों को भरोसे में लेना होगा। तभी सरकार इस मामले में कोई कदम उठा सकती है।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस