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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 19, 2018 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

गरीब लड़कियों को बंधक बना माओवादी करते हैं यौन शोषण

By Nancy BajpaiEdited By:
Published: Mon, 19 Mar 2018 08:53 AM (IST)Updated: Mon, 19 Mar 2018 11:57 AM (IST)

राकेश भुइयां व अन्य नक्सली गरीब नाबालिग लड़कियों को अगवा कर संगठन में शामिल करते थे और उनको बंधक बनाकर उनका यौन शोषण करते थे।

गरीब लड़कियों को बंधक बना माओवादी करते हैं यौन शोषण
गरीब लड़कियों को बंधक बना माओवादी करते हैं यौन शोषण

मेदिनीनगर (जागरण संवाददाता)। माओवादी गरीब नाबालिग बच्चियों के बंधकर बनाकर उनका यौन शोषण करते हैं। ये खुलासा खुद पकड़े गए माओवादी ने किया है। भाकपा माओवादी संगठन के राकेश भुइयां व अन्य नक्सली गरीब नाबालिग लड़कियों को अगवा कर संगठन में शामिल करते थे और उनको बंधक बनाकर उनका यौन शोषण करते थे। बिहार एसटीएफ व झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में धनबाद(झारखंड) से गिरफ्तार पांच लाख रुपये के इनामी माओवादी सबजोनल कमांडर विमल उर्फ गणेश यादव ने पुलिस पूछताछ में इस बात का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा ने रविवार को संवाददाताओं को दी।

एसपी ने बताया कि पूछताछ में विमल से कई अहम जानकारी मिली है। उन्होंने बताया कि पकड़ा गया माओवादी कमांडर पिछले दिनों सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे गए राकेश भुइयां के दस्ते का अहम सहयोगी था। उसकी गिरफ्तारी के साथ राकेश भुइयां के दस्ते के सभी 18 नक्सली या तो गिरफ्तार कर लिए गए हैं या तो उन्हें मार गिराया गया है। इनमें से एक नक्सली सतेंद्र भुइयां सरकार के कार्यक्रम 'नई दिशा' से प्रभावित होकर आत्मसमर्पण कर चुका है। 1996 में विमल नक्सलियों के संपर्क में आया था। इसके बाद वह पूरी तरह संगठन में शामिल हो गया था। विगत एक वर्ष में विमल यादव सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ सहित कई नक्सली घटनाओं में शामिल रहा था।

बेटे को पुलिस में बहाल करना चाहता था विमल

भाकपा माओवादी संगठन के स्वयंभू जोनल कमांडर विमल यादव ने अपनी पुत्री की शादी खैरी गांव में एक फौजी के साथ तय कर रखी थी। वहीं इसका बेटा बिहार पुलिस में शामिल होने के लिए आरंभिक परीक्षा पास कर चुका था, लेकिन लांग जंप में सफल नहीं होने के कारण वह बहाल नहीं हो सका। एसपी इंद्रजीत माहथा ने बताया कि इससे संगठन में शामिल नक्सलियों का दोहरा चरित्र उजागर होता है। एक ओर ये अपने बच्चों को उच्च शिक्षा देते हैं, वहीं गरीब के बच्चों का शोषण कर उन्हें जबरन हथियार थमा दिया जाता है।