मुंबई, राज्य ब्यूरो। पिछले सप्ताह उद्योगपति मुकेश अंबानी की इमारत अंटीलिया के निकट मिली जिलेटिन रखी स्काíपयो कार के मालिक का शव शुक्रवार को संदिग्ध हालात में एक समुद्री खाड़ी में पाया गया। इसके बाद इस मामले से जुड़ा रहस्य गहरा गया है। नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने पूरे मामले की जांच एनआइए को सौंपने की मांग की है। वहीं, राज्य के गृह मंत्री अनिल देशमुख ने जांच महाराष्ट्र एटीएस को सौंपने की घोषणा की है। देशमुख का कहना है कि महाराष्ट्र पुलिस पर भरोसा किया जाना चाहिए।

25 फरवरी को एक स्कार्पियो कार अंटीलिया से 200 मीटर दूर खड़ी पाई गई थी। कार में मुकेश अंबानी के नाम एक पत्र एवं जिलेटिन (विस्फोटक पदार्थ) की 20 छड़ें पाई गई थीं। दो दिन पहले ही कार के मालिक मनसुख हिरेन ने टीवी चैनलों के सामने आकर कहा था कि वे उस कार से ठाणे से मुंबई की ओर जा रहे थे। स्टीयरिंग लॉक हो जाने के कारण वह कार को ऐरोली ब्रिज के पास छोड़कर चले गए,जहां से वह चोरी हो गई और बाद में अंबानी के घर के पास पाई गई।

मुंह में ठुंसे थे पांच रूमाल

बुधवार को टीवी चैनलों से बात करने वाले मनसुख का शव शुक्रवार सुबह करीब 10.30 बजे ठाणे के उप नगर मुंब्रा की समुद्री खाड़ी में पाया गया। उनके मुंह में पांच रुमाल ठुंसे हुए थे। यह स्थान उनके नौपाड़ा स्थित घर से सात किलोमीटर दूर है। वह अपने घर से गुरुवार रात 8.30 बजे एक ऑटो रिक्शा में यह कहकर निकले थे कि वह किसी अधिकारी से मिलने जा रहे हैं। दोपहर तक वापस न लौटने पर परिवार ने उनकी गुमशुदगी की रिपोर्ट लिखवाई। तब पता चला कि समुद्री खाड़ी में मिला शव मनसुख का है। बता दें कि कुछ दिन पहले ही एक आतंकी संगठन जैश-उल-ए-हिंद ने पहले अंबानी के घर के निकट विस्फोटक लदी गाड़ी खड़ी करने का जिम्मा लिया था, लेकिन अगले दिन ही उसका स्पष्टीकरण भी सामने आ गया था।

मामला मुकेश अंबानी की सुरक्षा से जुड़ा होने के कारण अब विपक्ष ने मनसुख की मौत पर सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है। नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने यह मामला विधानसभा में उठाते हुए कई सवाल किए। उन्होंने मुंबई पुलिस के एक अधिकारी सचिन वझे को भी संदेह के घेरे में खड़ा किया है। फड़नवीस ने कहा, मनसुख एवं वझे दोनों ठाणे में रहते थे। जून-जुलाई 2020 में दोनों की मुलाकात के वीडियो फुटेज देखे गए हैं। क्या ये दोनों पहले से एक-दूसरे को जानते थे? वझे को ही अंबानी मामले की जांच भी सौंपी गई थी। इस पर भी फड़नवीस ने सवाल खड़े किए हैं। संयोग ही है कि आज ही विस में फड़नवीस ने मनसुख को सुरक्षा देने की मांग भी उठाई थी। उसके दो घंटे बाद ही मनसुख का शव मिलने की खबर आ गई।

देशमुख ने दी सफाई

गृह मंत्री अनिल देशमुख ने सफाई दी है कि यह गाड़ी मनसुख की नहीं बल्कि सैम म्यूटन नामक व्यक्ति की थी। उसने कुछ काम करवाने के लिए यह गाड़ी मनसुख हिरेन को दी थी। सैम गाड़ी में किए गए काम का पैसा नहीं चुका पाया था। इसलिए मनसुख ने गाड़ी अपने पास रख ली थी।