मणिपुर में हत्याओं पर गृह मंत्री कोंथौजम का कड़ा रुख, शांति बहाली का लिया संकल्प
मणिपुर में संदिग्ध आतंकियों द्वारा चार लोगों की हत्या के बाद कुकी-जो परिषद ने सशस्त्र समूहों की गतिविधियों को नागरिकों के लिए खतरा बताया।

मणिपुर की शांति में कोई भी हिंसा बाधा नहीं बनेगी। (एएनआई)
HighLights
मणिपुर में संदिग्ध आतंकियों के हाथों चार लोगों की हत्या की निंदा।
गृह मंत्री कोंथौजम ने शांति और सामान्यता बनाए रखने का संकल्प लिया।
कुकी-जो परिषद ने सशस्त्र समूहों की गतिविधियों पर जताई गंभीर चिंता।
डिजिटल डेस्क, इंफाल। मणिपुर में संदिग्ध आतंकियों के हाथों चार लोगों की हत्या की निंदा करते हुए कुकी-जो परिषद ने सोमवार को कहा कि सशस्त्र समूहों की गतिविधियां नागरिकों के लिए खतरा पैदा कर रही है और पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर को पूर्ण संघर्ष के जोखिम में डाल रही है। हालांकि मणिपुर के गृह मंत्री गोविंदास कोंथौजम ने कहा कि राज्य की शांति और सामान्यता की राह में कोई भी हिंसा बाधा नहीं बनेगी।
मणिपुर के गृह मंत्री कोंथौजम ने एक पोस्ट में सोमवार को कहा कि वह टोल्लेन कुकी गांव में हुई इस दुखद घटना से "बहुत दुखी" हैं, जिसमें ल्हिंगजांगाई सिंगसिट की जान गई और उनके पति और छोटे बेटे को गोली लग गई।
कोंथौजम ने कहा, "निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा अस्वीकार्य है और इसे सख्ती से निपटा जाएगा। मैंने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कदम उठाने के लिए निर्देशित किया है ताकि तथ्यों की पुष्टि की जा सके, जिम्मेदार लोगों की पहचान की जा सके और कानून को बिना किसी डर या पक्षपात के लागू किया जा सके।"
उन्होंने कहा, "इस महत्वपूर्ण मोड़ पर मणिपुर की शांति और सामान्यता की राह में कोई भी हिंसा बाधा नहीं बनेगी... कानून का राज होगा, न्याय की तलाश होगी और शांति की रक्षा की जाएगी।"
जबकि मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने जोर दिया कि भाजपा ही एकमात्र पार्टी है जो हिंसा प्रभावित राज्य में शांति बहाल करने और सभी समुदायों के बीच मुक्त आवागमन सुनिश्चित करने के लिए काम कर रही है।
पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने कहा कि तीन मई 2023 को शुरू हुई हिंसा "अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण" थी। राज्य ने अतीत में कई बार अशांति देखी है, जिसमें इनर लाइन परमिट (आइएलपी) के कार्यान्वयन के लिए एक लंबा आंदोलन शामिल है।
वहीं, मणिपुर के कुकी-जो परिषद ने कहा, "भारत सरकार को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए। सशस्त्र समूहों की निरंतर गतिविधियां नागरिकों के लिए खतरा पैदा करती हैं और मणिपुर को एक और पूर्ण संघर्ष की ओर धकेलने का जोखिम उठाती हैं।"
कुकी-जो परिषद ने आरोप लगाया कि 2026 की शुरुआत से "मणिपुर में सक्रिय नगा सशस्त्र समूहों" द्वारा महिलाओं व बच्चों समेत 22 से अधिक कुकी-जो समुदाय के सदस्यों की हत्या की गई है।
(समाचार एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)
