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मणिपुर में म्यांमार सीमा के पास उग्रवादियों का तांडव, तंगखुल नागा समुदाय के 4 लोगों की हत्या

Published: Fri, 25 Sep 2026 07:33 PM (IST)Updated: Fri, 25 Sep 2026 07:34 PM (IST)

मणिपुर के कामजोंग जिले में म्यांमार सीमा के पास उग्रवादियों ने तंगखुल नागा समुदाय के चार लोगों की गोली मारकर ...और पढ़ें

म्यांमार सीमा पर 4 लोगों की गोली मारकर हत्या (प्रतीकात्मक फोटो)

म्यांमार सीमा पर 4 लोगों की गोली मारकर हत्या (प्रतीकात्मक फोटो)

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डिजिटल डेस्क, इंफाल। मणिपुर के कामजोंग जिले में हिंसा की एक नई वारदात सामने आई है। म्यांमार सीमा के पास स्थित पिलोंग गांव में उग्रवादियों ने तंगखुल नागा समुदाय के चार लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी।

शुक्रवार तड़के करीब 1:30 बजे पुलिस और स्थानीय निवासियों की तलाशी अभियान के बाद चारों ग्रामीणों के शव एक सुनसान जगह से बरामद किए गए।

म्यांमार से आए उग्रवादियों पर हमले का आरोप

पुलिस के अनुसार, मारे गए व्यक्तियों की पहचान वारेइशिम जाजो, फामी जाजो, बेटरसन जाजो और निंगथेम कशाक के रूप में हुई है। शवों पर गोलियों के कई निशान पाए गए हैं, जिन्हें पोस्टमार्टम के लिए कामजोंग जिला अस्पताल भेजा गया है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि गुरुवार को म्यांमार से सीमा पार कर भारत में घुसे उग्रवादियों ने पांच ग्रामीणों के एक समूह पर घात लगाकर हमला किया था।

इस हमले में चार लोगों की मौत हो गई, जबकि एक ग्रामीण किसी तरह जान बचाकर भागने में सफल रहा। उसी ने स्थानीय अधिकारियों और ग्रामीणों को इस खूनी वारदात की जानकारी दी।

कुकी नेशनल आर्मी पर लगा आरोप

नागा पीपल्स फ्रंट के राज्य अध्यक्ष अवांगबो न्यूमाई ने इस नृशंस घटना की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने दावा किया कि इस कायराना हमले के पीछे कुकी नेशनल आर्मी के उग्रवादी शामिल थे। न्यूमाई ने सभी समुदायों से हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्वक रहने की अपील की है।

इलाके में तनाव और हिंसा का बढ़ता दायरा

यह घटना मणिपुर में फरवरी से शुरू हुई कुकी और नागा समुदायों के बीच जारी जातीय हिंसा के सिलसिले का ही हिस्सा है। फरवरी में उखरुल जिले में शुरू हुई झड़पों ने अब घात लगाकर हमले करने और नागरिकों की हत्याओं का रूप ले लिया है।

13 सितंबर को तामेंगलोंग और नोनी जिलों में हुए हमलों में कुकी समुदाय के चार ग्रामीणों की जान गई। वहीं नागा बस्तियों पर हमले हुए, जिसमें एक नागा किशोर की हत्या कर दी गई। हाल ही में कांगपोकपी में कुकी समुदाय के एक 36 वर्षीय लाइनमैन की हत्या हुई, जबकि सीमावर्ती नागा गांवों पर भी हमले किए गए।

मणिपुर में सेना, असम राइफल्स, सीआरपीएफ और अन्य केंद्रीय बलों की भारी तैनाती के बावजूद हथियारबंद समूहों द्वारा किए जा रहे ये हमले रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं।