मंदसौर (नईदुनिया)। मंदसौर में बच्ची से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में वकीलों के संगठन ने तय किया है कि      जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तय वकीलों के पैनल में से कोई आरोपितों की पैरवी कर सकेगा। कोई स्वतंत्र वकील उनकी पैरवी नहीं करेगा। संघ ने पहले फैसला किया था कि कोई भी वकील आरोपितों की पैरवी नहीं करेगा। इसके चलते सभी वकीलों ने केस लड़ने से इन्कार कर दिया था। कोर्ट में भी यह केस आगे नहीं बढ़ पा रहा था। संघ की साधारण सभा में इसी के मद्देनजर यह फैसला लिया गया।

सोमवार को भी कोर्ट में सुनवाई थी लेकिन शाम को न्यायालय का समय समाप्त होने तक कोई वकील नहीं आया। अब अगली सुनवाई 18 जुलाई को होगी। उम्मीद है कि संघ के फैसले के बाद विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा तय कोई वकील इस मामले में आरोपितों की पैरवी के लिए खड़ा होगा।

यह है मामला

मध्य प्रदेश के मंदसौर स्थित हाफिज कॉलोनी के एक स्कूल से 26 जून की शाम को आठ वर्षीय मासूम का अपहरण कर आरोपित इरफान व आसिफ ने पास की झाड़ियों में सामूहिक दुष्कर्म किया था। बाद में उसके गले पर गहरा घाव कर भाग गए थे। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज देखकर 27 जून को इरफान को व 29 जून को आसिफ को गिरफ्तार किया था।

Posted By: Nancy Bajpai