कोलकाता [जासं]। बंगाल सरकार और खास कर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को इस बात का मलाल है कि सुरों के जादूगर मन्ना डे का पार्थिव शरीर उनके पैतृक निवास नहीं आ सका। इस बाबत मुख्यमंत्री ने मन्ना डे की बड़ी बेटी सुमिता डे से आग्रह भी किया था। लेकिन उनकी दोनों बेटियों ने यह कहते हुए इसे ठुकरा दिया कि मन्ना डे के भतीजे द्वारा उनकी संपत्ति चोरी किए जाने के मामले में बंगाल पुलिस व प्रशासन ने निष्क्रियता दिखाई थी।

पढ़ें : एक थे मन्ना डे.

बांग्ला, हिंदी सहित कई भाषाओं में गीतों को अपना स्वर देने वाले महान गायक मन्ना डे की अंत्येष्टि बंगाल सरकार राजकीय सम्मान से करना चाहती थी। लिहाजा मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने डे के परिवार वालों से कोलकाता आने का आग्रह किया था। लेकिन सुमिता डे के पति ने फोन पर मुख्यमंत्री को बताया कि वे लोग अंत्येष्टि के लिए कोलकाता नहीं जाना चाहते। गायक के परिवार के लोगों ने आरोप लगाया कि उनके भतीजे द्वारा संपत्ति धांधली की शिकायत बंगाल के आला अधिकारियों के साथ कोलकाता पुलिस आयुक्त से भी कई बार पत्र लिखकर की थी। लेकिन पुलिस ने मामले में जांच तक नहीं की। राज्य प्रशासन व पुलिस की उदासीनता से क्षुब्ध मन्ना डे की ओर से इसकी शिकायत कलकत्ता हाई कोर्ट में की गई थी, जहां मामला अभी विचाराधीन है।

परिवार के इस फैसले से निराश ममता बनर्जी ने बताया कि कुछ समय पहले मैं बेंगलुरु जाकर मन्ना डे से मिली थी। लेकिन वे कोलकाता आने के लिए राजी नहीं हुए। मुख्यमंत्री ने यहां तक कहा कि मैं मन्ना दा को अपने घर पर रखना चाहती थी।

मोबाइल पर ताजा खबरें, फोटो, वीडियो व लाइव स्कोर देखने के लिए जाएं m.jagran.com पर

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस