नई दिल्ली, पीटीआइ। मानव संसाधन विकास मंत्रालय के अनुसार आम धारणा से विपरीत देश में महिलाओं के मुकाबले 21 हजार ज्यादा पुरुष पीएचडी कर रहे हैं। पिछले तीन साल के आंकड़ों के मुताबिक, पीएचडी में दाखिला लेने वाले छात्रों की संख्या में भी इजाफा हुआ है। वर्ष 2014-15 में देशभर में पीएचडी में 1,00,792 छात्रों ने दाखिला लिया था। वहीं 2015-16 और 2016-17 में पीएचडी में दाखिला लेने वाले वालों का आंकड़ा बढ़कर 1,09,552 और 1,23,712 हो गया।

आंकड़ों के मुताबिक, वर्ष 2014-15 में पीएचडी में महिलाओं के मुकाबले दाखिला लेने वाले पुरुषों की संख्या 21 हजार ज्यादा थी। इसी तरह इसके बाद के वर्षों में यह आंकड़ा बढ़कर क्रमश: 21,688 और 21,882 हो गया। आंकड़ों में यह बात भी निकल कर सामने आई कि पीएचडी के लिए अधिकतम दाखिले राज्य विश्वविद्यालयों में हुए हैं। उसके बाद राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों में दाखिले हुए हैं।

केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी की अपील एचआरडी मंत्री जावड़ेकर और एनसीईआरटी ने मानी

महिला एवं बाल कल्याण मंत्रालय के अनुसार नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रीसर्च एंड ट्रेनिंग (एनसीईआरटी) की किताब के अंदर के पहले पन्ने पर यह जानकारियां प्रकाशित की जाएंगी। मंत्रालय का मकसद इन जानकारियों को परेशानियों का शिकार होने वाले बच्चों को सीधे तौर पर मदद से जोड़ना है। साथ ही उन्हें यह बताना है कि वह जरूरत पड़ने पर इन नंबरों से कभी भी मदद ले सकते हैं, ताकि बच्चे अपनी सुरक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक हों। साथ ही किसी तकलीफ में वह अपनी शिकायत भी तुरंत कर सकें।

By Tilak Raj