विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

'विद्वानों को नई सच्चाईयों को समझना चाहिए', केरल के धर्मगुरुओं से बोले मलेशियाई पीएम

Published: Mon, 14 Sep 2026 03:57 PM (IST)

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने धार्मिक विद्वानों से आधुनिक तकनीक, एआई और डिजिटल बदलाव जैसी नई सच्चाइयों को समझने की अपील की।

विद्वानों को नई सच्चाईयों को समझना चाहिए। (X- @anwaribrahim)

विद्वानों को नई सच्चाईयों को समझना चाहिए। (X- @anwaribrahim)

HighLights

  1. मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने विद्वानों से की अपील।

  2. आधुनिक तकनीक, एआई और डिजिटल बदलाव को समझें।

  3. ज्ञान के बिना गुलाम बने रहने की चेतावनी दी।

डिजिटल डेस्क, कोझिकोड। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने धार्मिक विद्वानों से अपील की है कि वे आज के समय की नई सच्चाईयों और चुनौतियों को समझें। इनमें आधुनिक टेक्नोलॉजी, नए विज्ञान, डिजिटल बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी चीजें शामिल हैं।

वे करंतूर में 'मरकजु सकफथी सुन्निय्या' में 'ऑल इंडिया सुन्नी जेम इय्यथुल उलेमा' के जनरल सेक्रेटरी कंथापुरम एपी अबूबकर मुसलियार से 'शेख अबूबकर फाउंडेशन एक्सीलेंस अवार्ड' लेने के बाद बोल रहे थे।

एआई को समझे बिना हम गुलाम बने रहेंगे- अनवर इब्राहिम

नई चीजों से पैदा होने वाली चुनौतियों पर इब्राहिम ने कहा कि हमारी चिंता यह है कि हमें ज्ञान और विशेषज्ञता की जरूरत है, लेकिन साथ ही हमें अपने विश्वास और नैतिक मूल्यों की रक्षा करने की भी जरूरत है। ज्ञान के बिना हम नाकाम हो जाएंगे।

उन्होंने कहा क एआई को समझे बिना हम गुलाम बने रहेंगे और सिर्फ हथियार बनकर रह जाएंगे, ऐसे हथियार जिनका इस्तेमाल विदेशी ताकतें हमारे इरादों को कमजोर करने के लिए करेंगीं।

IUML के राज्य अध्यक्ष पनाक्कड़ सादिकली शिहाब थंगल और उद्योग मंत्री पीके कुन्हालीकट्टी समेत कई नेताओं ने भी इब्राहिम से मुलाकात की।

'एन्थानु वर्थमानस' से की इब्राहिम ने अपने भाषण की शुरुआत

इब्राहिम ने अपने भाषण की शुरुआत मलयालम में 'एन्थानु वर्थमानस' कहकर की। उन्होंने कहा कि मलेशिया के केरल, खासकर मालाबार इलाके से करीबी रिश्ते हैं। उन्होंने करंतूर पहुंचने की व्यवस्था करने के लिए पीएम मोदी का शुक्रिया अदा किया और अबूबकर मुसलियार तक मोदी का संदेश पहुंचाया।

मुसलियार ने इब्राहिम को 'सहीह अल-बुखारी' की हाथ से लिखी पांडुलिपि भेंट की, जो हदीस का दुनिया भर में मशहूर संग्रह है। बाद में इब्राहिम उनके सम्मान में आयोजित डिनर में शामिल हुए।

(एजेंसी इनपुट के साथ)