नई दिल्ली, प्रेट्र। पूर्वी लद्दाख में चीन के साथ सीमा पर जारी गतिरोध के बीच मालाबार नौसैनिक अभ्यास का पहला चरण तीन से छह नवंबर को बंगाल की खाड़ी में विशाखापत्तनम तट पर होगा। इसमें भारत के अलावा अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के नौसैनिक भाग लेंगे। अधिकारियों ने बताया कि नौसैनिक अभ्यास का दूसरा चरण 17 से 20 नवंबर को अरब सागर में होगा।

पिछले सप्ताह भारत ने एलान किया था कि इस साल मालाबार नौसैनिक अभ्यास में ऑस्ट्रेलिया भी भाग लेगा। इस तरह यह क्वाड के चारों देशों का संयुक्त नौसैनिक अभ्यास बन गया है। मालाबार नौसैनिक अभ्यास के उद्देश्य को लेकर चीन के मन में संदेह रहता है। उसे लगता है कि यह वार्षिक युद्धाभ्यास हिंद-प्रशांत क्षेत्र में उसके प्रभाव को कम करने का प्रयास है।

उल्लेखनीय है कि मालाबार नौसैनिक अभ्यास साल 1992 में भारतीय नौसेना और अमेरिकी नौसेना के द्विपक्षीय संयुक्त नौसैनिक अभ्यास से शुरू हुआ था। जापान 2015 में इसमें शामिल हुआ था। यह वार्षिक नौसैन्य अभ्यास वर्ष 2018 में फिलीपीन सागर में गुआम तट पर आयोजित किया गया। साल 2019 में जापान तट पर यह अभ्यास हुआ।

बंगाल की खाड़ी में सैन्य अभ्यास के दौरान नौसेना ने दागी मिसाइल

भारतीय नौसेना ने शुक्रवार को बंगाल की खाड़ी में अपने युद्धपोत आइएनएस कोरा से एक जहाज--रोधी मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। नौसेना ने ऐसा एक अभ्यास के तहत किया, जो भारत के आसपास रणनीतिक समुद्री क्षेत्र में उसकी युद्धक तैयारियों को दर्शाता है। नौसेना ने कहा कि मिसाइल ने अधिकतम सीमा पर स्थित लक्ष्य को बेहद सटीकता से निशाना बनाया। नौसेना ने ट्वीट किया, आइएनएस कोरा द्वारा दागी गई जहाज--रोधी मिसाइल ने बंगाल की खा़़डी में अधिकतम दूरी पर स्थित लक्ष्य को सटीकता के साथ निशाना बनाया।

पिछले सप्ताह नौसेना ने अरब सागर में किसी स्थान पर जहाज--रोधी मिसाइल द्वारा एक डूबते जहाज को अत्यंत सटीकता के साथ नष्ट करने का एक वीडियो जारी किया था।

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस