नई दिल्ली,एएनआइ। आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल आपरेशंस डिवीजन के पहले मुखिया के रूप में मेजर जनरल एके ढींगरा को नियुक्त किया गया है। इस त्री सेना के गठन में सेना की पैराशूट रेजिमेंट, नौसेना की मार्कोस और वायु सेना के गरुड़ कमांडों बल के विशेष कमांडो शामिल होंगे। 

 इन तीनों सेनाओं अपना कार्य करना शुरू कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने इसकी जिम्मेदारी मेजर जनरल ढींगरा को सौंपी है। इसमें सेना की स्पेशल फोर्स शामिल होंगी। हालांकि, तीनों सेनाओं ने इससे पहले भी कई ऑपरेशन एक साथ किए है लेकिन, यह पहली बार है जब तीनों सेनाएं एक कमांड और नियंत्रण बोर्ड के अंतर्गत काम करेंगी। इसका लाभ ये होगा की ऐसा करने से ट्रेनिंग के खर्चे में कमी आएगी। आर्मी सूत्रों के मिताबिक, मेजर जनरल ढींगरा एक स्पेशल फोर्सेज के दिग्गज हैं और कुलीन 1 पैरा स्पेशल फोर्सेज रेजिमेंट से हैं। सेना के सूत्रों ने कहा कि उन्होंने अमेरिका में स्पेशल ऑपरेशंस कोर्स भी किए हैं। मेजर ढींगरा श्रीलंका में इंडियन पीसकीपिंग फोर्स ऑपरेशन का भी हिस्सा थे।

सूत्रों ने कहा कि नया डिवीजन त्रि-सेवा एकीकृत रक्षा कर्मचारियों के तहत काम करेगा। रक्षा मंत्रालय में चल रही चर्चा के अनुसार, इसका मुख्यालय आगरा या बैंगलोर में बनाया जाएगा। इस डिवीजन को देश के भीतर और बाहर दोनों तरफ से किसी भी बड़े आतंकवाद-विरोधी अभियान को शुरू करने के लिए सरकार की पहली पसंद होने की उम्मीद भी जताई जा रही है। ये फैसला लेने में सबसे अहम भूमिका क्षा मंत्री निर्मला सीतारमण, रक्षा सचिव संजय मित्रा और तीनों सेनाओं के प्रमुखों ने प्रमुख की रही है। पिछले साल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जोधपुर में संयुक्त कमांडरों सम्मेलन में आर्म्ड फोर्सेज स्पेशल आपरेशंस डिवीजन को स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।

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Posted By: Ayushi Tyagi

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