पीएम मोदी ने राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को दी श्रद्धांजलि, लाल बहादुर शास्त्री को भी किया याद
पूरा देश राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती मना रहा है, जिस ...और पढ़ें
HighLights
प्रधानमंत्री मोदी ने राजघाट और विजय घाट पर श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति मुर्मू ने गांधी जी के शांति संदेश की प्रासंगिकता बताई।
देशभर में स्वच्छता अभियान और सेवा के कार्यक्रम आयोजित हुए।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 157वीं जयंती और देश के पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की 122वीं जयंती के अवसर पर पूरा देश उन्हें याद कर रहा है।
इस पावन अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू समेत देश के कई बड़े नेताओं ने दोनों महान विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके साथ ही देश भर में स्वच्छता अभियान और विशेष कार्यक्रमों का आयोजन भी किया गया।
राजघाट और विजय घाट पर श्रद्धांजलि का सिलसिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार सुबह राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और वहां आयोजित 'सर्वधर्म प्रार्थना' में हिस्सा लिया। इसके बाद पीएम मोदी ने विजय घाट जाकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को भी उनकी जयंती पर नमन किया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने दी श्रद्धांजलि
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राजघाट पहुंचकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद उन्होंने विजय घाट जाकर पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री की जयंती पर उन्हें भी याद किया और नमन किया।
इस अवसर पर राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खर्गे और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी की समाधि पर पुष्पांजलि अर्पित की और उनके बताए मार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
रेखा गुप्ता समेत इन नेताओं ने दी श्रद्धांजलि
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, उपराज्यपाल तंरजीत सिंह संधू, केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने भी राजघाट पहुंचकर महात्मा गांधी को अपनी श्रद्धांजलि दी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने विजय घाट पर शास्त्री जी को भी याद किया।
राष्ट्रपति मुर्मू बोलीं- वैश्विक शांति के लिए गांधी जी के विचार जरूरी
इससे पहले गांधी जयंती की पूर्व संध्या पर अपने संदेश में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि आज दुनिया के कई हिस्सों में युद्ध और तनाव का माहौल है, ऐसे में महात्मा गांधी के शांति और अहिंसा के संदेश की प्रासंगिकता और अधिक बढ़ जाती है।
उन्होंने कहा कि भारत 2047 तक ‘विकसित भारत’ बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है, जिसमें ‘सर्वोदय’ (सबका उत्थान) के गांधीवादी मूल्यों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। राष्ट्रपति ने सभी नागरिकों से नैतिक आचरण और सक्रिय भागीदारी के साथ एक सशक्त और आत्मनिर्भर भारत बनाने का संकल्प लेने की अपील की।
देशभर में हुए स्वच्छता और सेवा के कार्यक्रम
बता दें कि देशभर में गांधी जयंती को स्वच्छता ही सेवा अभियान के रूप में मनाया जा रहा है। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राज्य सचिवालय में महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को पुष्पांजलि अर्पित की।
वहीं हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने स्वच्छता भारत अभियान में हिस्सा लिया और लोगों से अपने शहर को साफ-सुथरा रखने की अपील की। इसके अलावा आंध्र प्रदेश में स्वच्छता कार्यक्रमों के तहत ‘स्वच्छताथॉन 2026’ का आयोजन किया गया।
30 दिनों का विशेष स्वच्छता अभियान
केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने गांधी जयंती 2 अक्टूबर से लेकर सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती 31 अक्टूबर तक देश भर में 30 दिनों के राष्ट्रव्यापी स्वच्छता अभियान की शुरुआत करने का आह्वान किया है। उन्होंने नागरिकों, शैक्षणिक संस्थानों और एनजीओ से इस मुहिम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की।
