यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 13, 2021 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
महाराष्ट्र में दूसरे दिन भी बवाल, गृह मंत्रालय बोला- त्रिपुरा में कोई मस्जिद नहीं हुई क्षतिग्रस्त, अफवाहों से ना हों गुमराह
गृह मंत्रालय ने कहा कि त्रिपुरा के गोमती जिले में एक मस्जिद के क्षतिग्रस्त होने और तोड़फोड़ के बारे में ...और पढ़ें

नई दिल्ली, एएनआइ। महाराष्ट्र में त्रिपुरा में कथित सांप्रदायिक दंगों को लेकर तनाव का माहौल है। मुश्लिम संगठनों ने राज्य के कई शहरों में शुक्रवार को बंद बुलाया था। इसके बाद अमरावती,नांदेड और मालेगांव में हिंसा भड़क गई। अमरावती में शनिवार को फिर बवाल हुआ है। इस बीच गृह मंत्रालय ने त्रिपुरा मामले को लेकर बयान दिया है। मंत्रालय ने कहा कि त्रिपुरा के गोमती जिले में एक मस्जिद के क्षतिग्रस्त होने और तोड़फोड़ के बारे में सोशल मीडिया में प्रसारित खबरें फर्जी हैं। तथ्यों को पूरी तरह से तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया है। लोग शांति बनाए रखें और ऐसी खबरों से गुमराह न हों।
मंत्रालय ने आगे कहा कि हाल के दिनों में त्रिपुरा में किसी मस्जिद के ढांचे के क्षतिग्रस्त होने का कोई मामला सामने नहीं आया है और न ही किसी व्यक्ति को मामूली या गंभीर चोट लगने,दुष्कर्म या मृत्यु की कोई रिपोर्ट है, जैसा कि कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया जा रहा है। उदाहरण के तौर पर महाराष्ट्र में त्रिपुरा को लेकर फर्जी खबरों के आधार पर हिंसा और आपत्तिजनक बयानों की खबरें आई हैं जिनका उद्देश्य शांति और सद्भाव को बिगाड़ना है। यह बहुत ही चिंताजनक है और यह आग्रह किया जाता है कि हर कीमत पर शांति बनाए रखी जाए।
News circulating in social media about the damage and vandalization of a mosque in Gomati district of Tripura is fake and is a complete misrepresentation of facts. People should maintain calm and should not be misguided by such reports: Ministry of Home Affairs pic.twitter.com/7NwYc77vAV
— ANI (@ANI) November 13, 2021
अमरावती में कर्फ्यू
गौरतलब है कि अमरावती शहर में शनिवार को इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई और कर्फ्यू लगा दिया गया। पुलिस ने कहा कि त्रिपुरा में हालिया हिंसा के विरोध में एक दिन पहले (शुक्रवार को) मुस्लिम संगठनों द्वारा आयोजित रैलियों के विरोध में दूसरे पक्ष के लोगों ने शनिवार को आयोजित बंद का आयोजन किया था। इसी दौरान भीड़ ने कुछ दुकानों पर पथराव किया, जिससे हालात बिगड़ गए। शहर की पुलिस आयुक्त आरती सिंह ने कहा कि हिंसा को बढ़ावा देने वाली अफवाहों को फैलने से रोकने के लिए शहर में इंटरनेट सेवाएं तीन दिनों के लिए बंद रहेंगी।
त्रिपुरा मामले को लेकर बवाल
बता दें कि पिछले महीने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हिंसा के विरोध में पानीसागर में प्रदर्शन के दौरान हिंसा हुई थी। इस दौरान मकान और दुकानों को नुकसान पहुंचा था। हालांकि, अराजक तत्वों ने सोशल मीडिया पर घटना को लेकर फर्जी तस्वीरें भी फैलाई थीं। इसके बाद पुलिस ने स्पष्ट किया था कि त्रिपुरा में किसी भी मस्जिद में आग नहीं लगाई गई और सोशल मीडिया में शेयर की जा रहीं तस्वीरें फेक हैं।
