मुंबर्इ, जेएनएन। महाराष्ट्र की महा विकास अघाड़ी सरकार ने राज्य में बुधवार रात आठ बजे से कर्फ्यू  लगाने का एलान किया है। इस दौरान आवश्यक सेवाओं को छोड़कर सार्वजनिक गतिविधियों पर पूरी रोक रहेगी। सरकार ने राज्य में कोरोना के बदतर होते हालात को देखते हुए यह फैसला किया है। पिछले एक दिन में देश भर में सामने आए 1.85 लाख नए मामलों में से अकेले 60 हजार से ज्यादा केस महाराष्ट्र में मिले हैं। महाराष्ट्र के हालात को देखते हुए लॉकडाउन लगाने की आशंकाएं जताई जा रही थीं।

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इंटरनेट मीडिया के जरिए राज्य के लोगों को संबोधित करते हुए पूर्ण लॉकडाउन की घोषणा तो नहीं की, लेकिन 15 दिनों के लिए कर्फ्यू लगाने का एलान किया। बुधवार की रात आठ से कर्फ्यू प्रभावी होगा और एक मई की सुबह सात बजे तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि 'लॉकडाउन जैसी' पाबंदियों के लगे रहने तक पूरे राज्य में सीआरपीसी की धारा 144 भी लागू रहेगी। इसके तहत सार्वजनिक स्थान पर पांच या उससे ज्यादा लोगों के एक साथ जमा होने पर रोक है। हालांकि, मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में लॉकडाउन शब्द का इस्तेमाल नहीं किया। उद्धव ठाकरे ने कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ एक बार फिर युद्ध शुरू हो गया है। महामारी के चलते राज्य की स्वास्थ्य सुविधाओं पर दबाव बढ़ गया है। 

उन्होंने कहा कि एक महीने के लिए हर गरीब और जरूरतमंद को राज्य सरकार तीन किलोग्राम गेहूं और दो किलोग्राम चावल देगी। उन्होंने केंद्र सरकार से ऑक्सीजन और रेमडेसिविर इंजेक्शन की सप्लाई बढ़ाने की भी अपील की। 

इनको होगी अनुमति 

- कर्फ्यू के दौरान सिर्फ आवश्यक सेवाओं को छूट, दवा की दुकानें खुली रहेंगी, दवा और खाने की होम डिलिवरी भी होगी 

- आवश्यक सेवाओं से जुड़े लोगों के लिए ही परिवहन की सुविधाएं चालू रहेंगी, ई-कॉमर्स कंपनियों और निर्माण स्थलों पर काम की छूट

- खुले मैदान में राजनीतिक रैलियों में 200 हो सकेंगे शामिल, हॉल में क्षमता के 50 फीसद लोगों को ही अनुमति

इन पर रहेगी रोक

- धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक आयोजनों पर पूरी तरह से प्रतिबंध 

- सैलून, स्पा, स्कूल, कॉलेज, निजी कोचिंग सेंटर, समुद्र तट, क्लब, स्विमिंग पूल, जिम, सिनेमा हाल रहेंगे बंद

- फिल्म, टीवी धारावाहिकों और विज्ञापनों की शूटिंग पर रहेगी पाबंदी

 

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