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'राज्य की शक्तियों का अतिक्रमण', खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर FSSAI के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार पहुंची कोर्ट

Published: Sat, 24 Oct 2026 12:11 AM (IST)

महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के कई नियमों को चुनौती ...और पढ़ें

खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर FSSAI के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार पहुंची कोर्ट

खाद्य सुरक्षा नियमों को लेकर FSSAI के खिलाफ महाराष्ट्र सरकार पहुंची कोर्ट

HighLights

  1. केंद्र और एफएसएसएआई ने अधिनियम में कई संशोधन जारी किए हैं

  2. एफएसएसएआई द्वारा राज्य सरकार की शक्तियों के हनन की बात की गई है

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र सरकार ने बॉम्बे हाईकोर्ट में याचिका दायर कर खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के कई नियमों को चुनौती दी है। राज्य सरकार का आरोप है कि एफएसएसएआई ने असंवैधानिक तरीके से समानांतर प्रवर्तन व्यवस्था बनाई है, जो राज्य सरकार की शक्तियों का हनन करती है।

राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त के माध्यम से दायर याचिका में कहा गया है कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 (एफएसएसए) का उद्देश्य खाद्य नियमन को विकेंद्रीकृत करना था। पहले अधिनियम का प्रवर्तन राज्य के खाद्य सुरक्षा आयुक्त और नामित अधिकारियों के माध्यम से होता था।

याचिका के अनुसार, केंद्र और एफएसएसएआई ने अधिनियम में कई संशोधन जारी किए हैं, जो विकेंद्रीकृत व्यवस्था को लगातार कमजोर कर रहे हैं।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि एफएसएसएआई के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ने गैरकानूनी तरीके से ‘सेंट्रल फूड सेफ्टी ऑफिसर’ और ‘सेंट्रल लाइसेंसिंग अथॉरिटी’ जैसे पद बनाए हैं। ये पद अधिनियम के वैधानिक ढांचे में मौजूद नहीं हैं।

याचिका में इन असंवैधानिक संशोधनों और नियमों को रद्द करने तथा मई 2023 के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की गई है, जिसमें राज्य के अधिकारियों को केंद्र द्वारा लाइसेंस प्राप्त इकाइयों का निरीक्षण करने से रोका गया है।

मामला शुक्रवार को चीफ जस्टिस महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की बेंच के समक्ष पेश हुआ। कोर्ट ने मामले की सुनवाई 26 नवंबर को तय की है।