राज्य ब्यूरो, मुंबई। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री और भाजपा नेता नारायण राणे को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया गया। उनकी गिरफ्तारी मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को कहे गए अपशब्द के आरोप में हुई है। महाराष्ट्र में भाजपा नेताओं ने राज्यपाल भगतसिंह कोश्यारी से मिलकर राणे की गिरफ्तारी के विरुद्ध उन्हें ज्ञापन सौंपा। इस बीच, मंगलवार देर रात स्थानीय अदालत ने स्वास्थ्य के आधार पर राणे को जमानत दे दी।

बीते सोमवार को जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान राणे ने पत्रकारों से बात करते हुए मुख्यमंत्री ठाकरे को थप्पड़ मारने की बात कही थी। राणे के इस बयान के बाद शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा प्रतिक्रिया व्यक्त की जाने लगी। नासिक, पुणे एवं महाड में उनके विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज करवा दी गई।

मंगलवार सुबह से ही उनकी गिरफ्तारी की आशंका व्यक्त की जाने लगी थी। नासिक के पुलिस आयुक्त दीपक पांडे ने उनकी गिरफ्तारी के आदेश जारी कर दिए। दोपहर बाद करीब ढाई बजे रत्नागिरी के संगमेश्वर क्षेत्र में राणे को भोजन करते समय ही गिरफ्तार कर लिया गया। शाम होते-होते उन्हें महाड क्षेत्र में लाया गया, जहां उन्होंने विवादित बयान दिया था। उन्हें महाड के सत्र न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई। इससे पहले बांबे हाई कोर्ट ने उनकी अग्रिम जमानत की अर्जी विधि सम्मत तरीके से पेश नहीं किए जाने के कारण ठुकरा दी थी।

नासिक में शिवसैनिकों ने भाजपा कार्यालय पर किया पथराव

राणे द्वारा उद्धव के विरुद्ध विवादित बयान दिए जाने के बाद से ही शिवसेना कार्यकर्ताओं द्वारा राज्य में कई जगह उग्र प्रदर्शन शुरू हो गए थे। कई जिलों में शिवसैनिक राणे के पुतले पर चप्पलों से प्रहार करते दिखाई दिए। नासिक में तो उग्र शिवसैनिकों ने भारतीय जनता पार्टी कार्यालय पर भी पथराव किया।

फड़नवीस ने कहा, पथराव करने वालों पर कार्रवाई करे पुलिस

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल ने शिवसैनिकों की हरकतों को कायरता पूर्ण कार्रवाई बताया। पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष देवेंद्र फड़नवीस ने चेतावनी दी कि यदि पुलिस ने पथराव करने वालों पर उचित कार्रवाई न की, तो भाजपा अपने कार्यालयों की सुरक्षा करने में सक्षम है।

भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया सड़क जाम

राणे की गिरफ्तारी के बाद संगमेश्वर पुलिस थाने एवं पुराने मुंबई-गोवा हाईवे पर भाजपा के कार्यकर्ताओं ने कई घंटों तक सड़क जाम किया। भाजपा विधायक प्रसाद लाड एवं राणे के विधायक पुत्र नितेश राणे ने पुलिस थाने में बैठकर धरना भी दिया। लाड ने आशंका जताई कि पुलिस राणे की हत्या भी करवा सकती है।

लोकसभा अध्यक्ष की अनुमति के बिना गिरफ्तारी पर सवाल

-राणे के वकील अनिकेत निकम का कहना है कि महाराष्ट्र पुलिस द्वारा उनकी गिरफ्तारी गैरकानूनी तरीके से की गई है।

-निकम के अनुसार, सात वर्ष से कम सजा वाले मामलों में नोटिस देकर कार्रवाई करने का प्रविधान है। राणे की गिरफ्तारी बिना नोटिस के की गई।

-राणे केंद्र सरकार में मंत्री हैं। उनकी गिरफ्तारी से पहले लोकसभा अध्यक्ष से अनुमति ली जानी चाहिए थी। इसका भी पालन नहीं किया गया।

यह कहा था राणे ने

देश की आजादी का अमृत महोत्सव चल रहा है। लेकिन मुख्यमंत्री को यह पता नहीं है कि आजादी के कितने साल हो गए हैं। 15 अगस्त को भाषण देने के दौरान वह पीछे मुड़कर यह पूछते नजर आए। यदि मैं वहां होता तो उन्हें एक जोरदार थप्पड़ मारता।

महाराष्ट्र में मंत्री की गिरफ्तारी का पहला मामला

महाराष्ट्र में किसी वर्तमान केंद्रीय मंत्री को गिरफ्तार किए जाने का यह पहला मामला है। इसके अलावा लगभग 20 साल बाद किसी केंद्रीय कैबिनेट मंत्री की गिरफ्तारी हुई है। जून 2001 में तत्कालीन अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री मुरासोली मारन और टीआर बालू को चेन्नई पुलिस ने गिरफ्तार किया था।

ऐसे चला घटनाक्रम

-जन आशीर्वाद यात्रा में राणे के विवादित बयान पर शिवसेना भड़की। शहर में लगाए पोस्टर।

-शिवसैनिक राणे के सांताक्रुज स्थित घर के बाहर पहुंचे। घर की सुरक्षा बढ़ाई गई।

-कई शहरों में राणे के खिलाफ शिवसैनिकों का जमकर हंगामा। कई जगहों पर तोड़फोड़।

-एफआइआर के बाद नासिक के पुलिस आयुक्त ने राणे को तत्काल गिरफ्तार करने के आदे

-गिरफ्तारी से बचने के लिए केंद्रीय मंत्री हाई कोर्ट पहुंचे। नहीं मिली राहत।

-राणे को पुलिस ने रत्नागिरी से गिरफ्तार कर लिया। उन्हें महाड में कोर्ट के सामने पेश किया गया, जहां से जमानत मिल गई।

Edited By: Nitin Arora