अहमदाबाद [शत्रुघ्ने शर्मा]। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत उनके कहने पर कैबिनेट मंत्री और देश की बड़ी-बड़ी प्रतिभाओं ने VVIP कल्चर भले छोड़ दिया हो या छोड़ रहे हों, लेकिन जेल में बंद माफियाओं को अब भी VVIP ट्रीटमेंट की आदत पड़ी हुई है। इसका एक चौंकाने वाला मामला सोमवार को उस वक्त सामने आया जब माफिया से नेता बने अतीक अहमद को यूपी के प्रयागराज की जेल से गुजरात के अहमदाबाद की जेल में ले जाया गया।

अतीक अहमद को एक जेल से दूसरे जेल स्थानांतरित करने को लेकर सुबह से ही उसके आवभगत और उसे मिलने वाली विशेष सुविधाओं की खबरें सामने आ रही हैं। पहले उसे प्रयागराज की नैनी जेल से कुर्ता-पजामा में वीवीआईपी की तरह फ्लाईट से अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल ले जाया गया। इस दौरान उसके साथ कई पुलिसवाले मौजूद थे, लेकिन उन्हें देख अंदाजा लगा पाना मुश्किल था कि वह अतीक को पकड़कर ले जा रहे या उसे किसी वीवीआईपी की तरह सुरक्षा में ले जा रहे हैं।

इस दौरान अतीक के सफेद कुर्ते की ऊपर वाली जेब में 2000 रुपये के नोटों की गड्डी साफ दिख रही थी। फ्लाईट से अहमदाबाद की जेल पहुंचने ही अतीक अहमद ने वहां भी वीवीआईपी ट्रीटमेंट की मांग कर दी। जेल में वीवीआईपी ट्रीटमेंट पाने के लिए कुछ तो आधार चाहिए ही, लिहाजा उसने इसके लिए अपनी बीमारी का बहाना बनाया। उधर उसके एयरपोर्ट पहुंचने से पहले अतिरिक्त गृह सचिव एमए तिवारी साबरमती जेल का मुआयना कर चुके थे।

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर हाल हिला किया अभिवादन
अहमदाबाद के सरदार पटेल एयरपोर्ट पर स्पाइसजेट के विमान एसजी-972 से सोमवार सुबह भारी पुलिस बल के साथ पहुंचे माफिया अतीक अहमद ने बाहर आते ही किसी सेलिब्रिटी की तरह लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया। यूपी से अतीक के साथ उसी फ्लाइट में बडी संख्या में उसके परिजन व साथी भी मौजूद थे। ये लोग भी अतीक के साथ ही सरदार पटेल एयरपोर्ट पर उतरे। पुलिस तमाशबीन बनी चुपचाप सब देख रही थी।

साथियों ने पहनाई फूलों की माला
यूपी से गुजरात जेल में स्थानांतरित करने के दौरान उसके किसी साथी ने भारी पुलिस बल की मौजूदगी में अतीक को फूलों की माला पहना दी, जिसे पुलिस वैन में बिठाने से पहले पुलिस ने उतार दी। इसके अलावा अतीक के कुर्ते की जेब में दो-दो हजार के नोट की गड्डी भी साफ नजर आ रही थी। इसे लेकर लोगों के बीच कई तरह की चर्चाएं भी चल रही हैं। गौरतलब है कि अतीक अहमद के इशारे पर उसके गुर्गों ने फिरौती के लिए एक व्यापारी का अपहरण कर लिया था, जिसके बाद उच्चतम न्यायालय ने उसे दूसरी जेल में स्थाननांतरित करने को कहा था।

जेल प्रशासन ने दिया ये जवाब
साबरमती जेल के जेलर एमके नायक ने बताया कि अतीक को सामान्य कैदी की तरह ही रखा जाएगा, यहां उसे कोई विशेष सुविधा नहीं दी जाएगी। सुरक्षा कारणों से जेल अधिकारी, यह जानकारी नहीं दे रहे हैं कि अतीक को किस जेल में रखा जाएगा। अतीक ने खुद की बीमारी को लेकर जेल प्रशासन से कुछ सुविधाएं मांगी है, लेकिन जेल प्रशासन का कहना है कि जेल नियमों के अनुसार ही उसे मेडिकल सुविधा मिलेगी।

जेल में अतीक का खर्चा एक लाख रुपये महीना
माफिया अतीक अहमद को जेल में रखकर भी सरकार उस पर इतना पैसा खर्च कर रही है, जितना की किसी वीवीआई पर खर्च होता है। सरकार हर महीने अतीक पर लगभग एक लाख रुपए खर्च करेगी, जो उसके खाने पीने व अन्य व्यवस्था को लेकर हैं। अतीक के जेल प्रवास के दौरान, पूरा खर्च उत्तर प्रदेश सरकार वहन करेगी, सरकार की ओर से तीन लाख रुपये की पहली किश्त गुजरात सरकार को जारी भी कर दी गई है।

बसपा विधायक की हत्या का है आरोप
अतीक को गुजरात भेजे जाने के साथ अतीक युग के खात्मे का भी संकेत मिलने लगा है। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले अतीक अहमद को नैनी सेंट्रल जेल भेजा गया था, गत 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने जेल में पिटाई की घटना और अतीक के अपराधिक इतिहास को देखते हुए गुजरात के किसी जेल में भेजने का आदेश दिया था। अतीक अहमद पर बसपा के विधायक रहे राजू पाल की हत्या का आरोप है। प्रयागराज के कई थानों में अतीक अहमद पर हत्या, अपहरण, रंगदारी, समेत कई दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं।

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