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साथानकुलम कस्टोडियल किलिंग केस: मदुरै डिस्ट्रिक्ट कोर्ट ने 9 पुलिसकर्मियों को सुनाई मौत की सजा

Published: Mon, 06 Apr 2026 06:28 PM (IST)Updated: Mon, 06 Apr 2026 06:51 PM (IST)

मदुरै अदालत ने 2020 के साथनकुलम कस्टोडियल यातना मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। बाप-बेटे पी. जयराज और जे. बेनिक्स ...और पढ़ें

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तमिलनाडु के मदुरै की एक अदालत ने सोमवार को ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट ने साल 2020 में व्यापारी पी. जयराज और उनके बेटे जे. बेनिक्स की हिरासत में हुई मौत मामले में नौ पुलिसकर्मियों को मौत की सजा सुनाई है। यह मामला लॉकडाउन के दौरान हुई क्रूर कस्टोडियल यातना से जुड़ा हुआ है। 

क्या है पूरा मामला?

घटना 19 जून 2020 की है। थूथुकुडी जिले के साथनकुलम में मोबाइल शॉप चलाने वाले 59 साल के पी. जयराज और उनके 31 साल के बेटे जे. बेनिक्स को लॉकडाउन नियम तोड़ने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। आरोप था कि उन्होंने दुकान समय से ज्यादा खुली रखी थी।

बाद में यह आरोप गलत साबित हुआ। पुलिस स्टेशन में दोनों को क्रूर यातना दी गई। रिश्तेदारों ने बताया कि उनको लाठियों से पीटा गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। एक महिला कांस्टेबल ने गवाही दी कि स्टेशन में टेबल और लाठियों पर खून के निशान थे।

अस्पताल में बाप-बेटे ने की हुई थी मौत 

अगले दिन दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजा गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। 22 जून को बेनिक्स और 23 जून को जयराज की मौत हो गई। इससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया।

सीबीआई को सौंपी गई जांच 

मद्रास हाईकोर्ट के निर्देश पर सीबीआई ने जांच अपने हाथ में ली। सीबीआई ने 10 पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया, जिनमें इंस्पेक्टर एस. श्रीधर, सब-इंस्पेक्टर पी. रघु गणेश, के. बालकृष्णन, हेड कांस्टेबल एस. मुरुगन, ए. सामीदुरई और कई कांस्टेबल शामिल थे। एक आरोपी की जांच के दौरान कोविड से मौत हो गई।

मदुरै की पहली अतिरिक्त जिला एवं सत्र अदालत के जज जी. मुथुकुमारन ने सभी 9 आरोपियों को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी ठहराया। अदालत ने पाया कि पुलिस ने झूठे मामले में गिरफ्तारी की और यातना देकर दोनों को मार डाला।