मद्रास हाई कोर्ट ने अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों को अयोग्य ठहराने की याचिका खारिज
मद्रास हाई कोर्ट ने मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय के विश्वास मत के पक्ष में मतदान करने वाले अन्नाद्रमुक के 25 ...और पढ़ें
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मद्रास हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की
HighLights
मद्रास हाई कोर्ट ने अयोग्यता याचिका को खारिज किया।
25 अन्नाद्रमुक बागी विधायकों के खिलाफ थी याचिका।
पार्टी महासचिव ने विधायकों के आचरण को माफ किया।
डिजिटल डेस्क, चेन्नई। मद्रास हाई कोर्ट ने अन्नाद्रमुक के 25 बागी विधायकों के खिलाफ अयोग्यता की कार्यवाही शुरू करने के लिए तमिलनाडु विधानसभा के अध्यक्ष और विधानसभा सचिव को निर्देश देने की याचिका को खारिज कर दिया है। ये विधायक मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय द्वारा 13 मई को पेश किए गए विश्वास मत के पक्ष में थे।
मुख्य न्यायाधीश सुषृत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस जी. अरुल मुरुगन की खंडपीठ ने अन्नाद्रमुक के महासचिव एडप्पादी के. पलानीस्वामी द्वारा उनके आचरण को माफ करने के बाद 21 विधायकों के खिलाफ कार्यवाही को समाप्त करने के अध्यक्ष जे.सी.डी. प्रभाकर के निर्णय को भी रद करने से इनकार कर दिया।
मद्रास हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की
तिरुवल्लूर जिले के अधिवक्ता पी.वी. सेल्वाकुमार द्वारा दायर जनहित याचिका को खारिज करते हुए पीठ ने अधिवक्ता जनरल विजय नारायण के तर्क को स्वीकार किया कि याचिकाकर्ता एक तीसरा पक्ष है, जिसके पास अन्नाद्रमुक के आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप करने का कोई कानूनी अधिकार नहीं है।
न्यायाधीशों ने यह निर्णय दिया कि एक बार जब अन्नाद्रमुक महासचिव ने 21 विधायकों के आचरण को औपचारिक रूप से माफ कर दिया, तो उन्हें अनुच्छेद 2(1)(अ) या अनुच्छेद 2(1)(ब) के तहत अयोग्यता का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पीठ ने पाया कि अध्यक्ष ने विधायकों के खिलाफ कार्यवाही को समाप्त करने में सही कार्य किया और याचिकाकर्ता के तर्कों को "बेतुका और गलतफहमी" करार देते हुए जनहित याचिका को खारिज कर दिया।
(समाचार एजेंसी आइएएनएस के इनपुट के साथ)
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