माला दीक्षित, नई दिल्ली। मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै पीठ ने शहर में श्रीराम मंदिर के लिए जागरूकता अभियान चलाने की मांग वाली अर्जी स्वीकार करते हुए सहायक पुलिस आयुक्त के उस आदेश को रद कर दिया है, जिसमें कोरोना महामारी और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए इजाजत से इन्कार कर दिया गया था। हाई कोर्ट ने कहा कि श्रीराम हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं और दिल के बहुत करीब हैं।

पुलिस आयुक्त को निर्देश

हाई कोर्ट ने मदुरै के पुलिस आयुक्त को निर्देश दिया है कि वह मदुरै और आसपास वैन के जरिये श्रीराम मंदिर के लिए जागरूकता अभियान की अनुमति देने पर विचार करें। यह आदेश 19 फरवरी को न्यायमूर्ति आर हेमलता की पीठ ने श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के जिला संयोजक एन. सेल्वाकुमार की याचिका स्वीकार करते हुए दिया।

महामारी का हवाला दे नहीं दी थी इजाजत 

सेल्वाकुमार श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए वैन के जरिये मदुरै और आसपास जागरूकता अभियान चलाना चाहते हैं। इसकी अनुमति के लिए उन्होंने सहायक पुलिस आयुक्त को अर्जी दी थी, लेकिन कोरोना महामारी और कानून व्यवस्था का हवाला देते हुए 18 फरवरी को अर्जी खारिज कर दी गई।

याचिकाकर्ता ने दी थी यह दलील 

याचिकाकर्ता का कहना था कि जब सरकार, विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक संगठनों को कांफ्रेंस व पब्लिक मिटिंग करने की इजाजत है, तो उन्हें मना कैसे किया जा सकता है। यही नहीं पुलिस ने उनकी वैन को भी रोक दिया है। दूसरी ओर, सरकार के वकील की दलील थी कि सहायक पुलिस आयुक्त का क्षेत्राधिकार में मदुरै के सभी सौ वार्ड नहीं हैं। वह इजाजत देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। याचिकाकर्ता को मदुरै के पुलिस आयुक्त से इजाजत मांगनी चाहिए थी।

पुलिस आयुक्त का कदम ठीक नहीं

सुनवाई के बाद कोर्ट ने कहा कि इस मामले में सहायक पुलिस आयुक्त का कदम ठीक नहीं लगता। कोर्ट ने कहा कि हर सप्ताह छूट बढ़ाई जा रही है, उदाहरण के तौर पर एक दिन की उड़ान पर लगी कैप भी हटा ली गई है। ऐसे में कोरोना का हवाला देकर इजाजत से इन्कार करना ठीक नहीं। 

पुलिस प्रशासन पर अदालत की कठोर टिप्‍पणी 

मद्रास हाई कोर्ट ने कहा कि जब लोगों को पिक्चर हॉल, मॉल और अन्य सार्वजनिक जगहों पर मास्क व सैनिटाइजर जैसे सुरक्षा उपायों के साथ जाने की अनुमति है, तो फिर श्रीराम मंदिर के लिए वैन के जरिये जागरूकता अभियान को अनुमति न देने का तर्कसंगत आधार नजर नहीं आता। यह भी स्पष्ट नहीं है कि इससे कानून व्यवस्था की समस्या कैसे खड़ी हो सकती है।

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