नई दिल्ली, पीटीआई। देश की जन्नत को जहन्नुम बना रहे पत्थरबाजों को मध्य प्रदेश के गुलेलबाजों ने खुली चेतावनी दी है। गुलेलबाजी में महारथ हासिल इस आदिवासी समूह ने प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में कहा है कि वे कश्मीर के पत्थरबाजों के पत्थर का जवाब पत्थर से देने में सक्षम हैं। 

मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले के आदिवासियों ने प्रधानमंत्री को एक पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने कहा है कि कश्मीर के पत्थरबाजों से निपटने के लिए उनके पारंपरिक हथियार गुलेल का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। कश्मीर की फिजा में पलीता लगा रही पत्थरबाजों की मनमाना हिंसक घटनाओं और इन घटनाओं से सेना के जवानों को हो रही परेशानी से यह आदिवासी समूह आहत है।

एक नौजवान आदिवासी ने कहा कि कश्मीर के इन भाड़े के पत्थरबाजों को वो माकूल जवाब दे सकते हैं...पत्थर का जवाब पत्थर से.. वो भी उनसे तेज और दूर तक पत्थर फेंक कर।

आपको बता दें कि ये आदिवासी पत्थर फेंकने के लिए गुलेल का इस्तेमाल करते हैं। इस गुलेल से पत्थर दूर तक और तेज गति में जाता है। इनमें से कुछ आदिवासी ऐसे हैं जो 50 मीटर तक पत्थर फेंकने की क्षमता रखते हैं। कश्मीर में हो रही गतिविधियों से ये आदिवासी भी वाकिफ हैं। इनका कहना है कि जब सेना पर पत्थर फेंका जाता है तो इनका खून खौल जाता है। 

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Posted By: Abhishek Pratap Singh

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