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पराली जलाने में मध्य प्रदेश ने फिर चौंकाया, अब तक सबसे अधिक 94 मामले आए सामने

Published: Tue, 06 Oct 2026 10:30 PM (GMT+05:30)

मध्य प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में चौंकाने वाली वृद्धि दर्ज की गई है, जहाँ इस सीजन में अब ...और पढ़ें

पराली जलाने में मध्य प्रदेश ने फिर चौंकाया। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

पराली जलाने में मध्य प्रदेश ने फिर चौंकाया। (प्रतीकात्मक तस्वीर)

HighLights

  1. मध्य प्रदेश में पराली जलाने के मामले सात गुना बढ़े, 94 दर्ज।

  2. पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश में पराली जलाने की घटनाओं में कमी।

  3. केंद्र सरकार और AQMC पराली नियंत्रण पर लगातार जोर दे रहे।

जागरण ब्यूरो, नई दिल्ली। पराली जलने की घटनाओं को रोकने के लिए केंद्र सरकार और वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान में जोर लगाए हुए है। इसके चलते इन राज्यों में पिछले वर्षों के मुकाबले अब तक कमी भी देखने को मिल रही है।

लेकिन इससे अलग मध्य प्रदेश में पराली जलने की घटनाएं सबको चौंका रही हैं। वहां इस सीजन में अब तक 94 मामले दर्ज हुए हैं। जो पिछले साल अब तक पराली जलने की घटनाओं के मुकाबले सात गुना से अधिक है।

15 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच पराली जलने की कुल 254 घटनाएं

देश में पराली जलने की घटनाओं पर नजर रख रहे भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान (आईएआरआई) की क्रीम्स प्रयोगशाला की एक रिपोर्ट के अनुसार, 15 सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच पराली जलने की कुल 254 घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं। इनमें सबसे अधिक 94 घटनाएं अकेले मध्य प्रदेश की हैं, जबकि 2025 में वहां इस अवधि में केवल 12 घटनाएं रिपोर्ट की गई थीं।

पंजाब-हरियाणा-उत्तर प्रदेश में पराली जलाने के मामलों में कमी

इसी तरह पंजाब में पराली जलने की अब तक 84 घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं, जबकि 2025 में इस अवधि में 95 घटनाएं रिपोर्ट हुई थीं। हरियाणा में अब तक चार घटनाएं रिपोर्ट हुई हैं, जबकि 2025 में इस अवधि में सात मामले रिपोर्ट हुए थे। वहीं उत्तर प्रदेश में पराली जलने की अब तक 63 घटनाएं सामने आई हैं, 2025 में इस अवधि में 88 मामले सामने आए थे।

राजस्थान में अब तक आठ मामले रिपोर्ट हुए हैं, जबकि 2025 में इस अवधि में सात मामले दर्ज हुई थे। इस तरह से मध्य प्रदेश को छोड़कर बाकी राज्यों में कमी दर्ज हुई है।

सीपीसीबी के उड़न दस्ते भी उतार

इस बीच, वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग ने पंजाब व हरियाणा में पराली जलने की घटनाओं पर नजर रखने के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के उड़न दस्ते भी उतार दिए हैं। जो पराली जलने वाले जिलों में लगातार नजर रख रहे हैं।

एनसीआर में 15 सितंबर से 5 अक्टूबर के बीच पराली जलने के कुल 18 मामले

एनसीआर के उत्तर प्रदेश वाले हिस्से वाले आठ जिलों में 15 सितंबर से पांच अक्टूबर के बीच पराली जलने के कुल 18 मामले दर्ज हुए हैं, पिछले साल इस अवधि में पांच ही थे। इनमें गौतमबुद्धनगर में सबसे अधिक नौ घटनाएं शामिल हैं।

गौरतलब है मध्य प्रदेश में 2025 में 15 सितंबर से 30 नवंबर के बीच पराली जलने के देश में सबसे अधिक 17 हजार से अधिक मामले दर्ज हुए थे। वहीं पंजाब में 5,114, हरियाणा में 662, उत्तर प्रदेश में 7,290, दिल्ली में पांच और राजस्थान में 289 मामले दर्ज हुए थे।