उज्जैन, जेएनएन। शिप्रा नदी के त्रिवेणी घाट क्षेत्र में कुछ दिनों से धमाकों के बाद इलाके में दहशत है। इन धमाकों की वजह की पड़ताल के लिए टीम सोमवार को पहुंची। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (जीएसआइ) भोपाल के दल में शामिल अधिकारियों ने मिट्टी और पानी के नमूने लिए हैं। रिपोर्ट दो से तीन दिन में आएगी। विशेषज्ञों का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही साफ हो पाएगा कि इसके कारण क्या हैं। विशेषज्ञों के अनुसार प्रथम दृष्टया घटना संदिग्ध लगती है।

डरने की जरूरत नहीं

फिलहाल डरने या घबराने जैसी कोई बात नहीं है। घटना की जांच के लिए तेल एवं प्राकृतिक गैस कारपोरेशन (ओएनजीसी) का दल भी उज्जैन आएगा। गांव के लोगों का कहना है कि धमाके की घटनाएं 10-12 दिनों से हो रही हैं। धमाके की आवाज के साथ ही आग नजर आती है। यही नहीं नदी का पानी भी उछलता हुआ दिखता है।

पहली बार 28 फरवरी को हुई थी घटना

बताया जाता है कि नदी के त्रिवेणी घाट क्षेत्र में पहली बार 28 फरवरी को धमाके हुए थे। इसके बाद दो-तीन बार फिर ऐसा हुआ था। ग्रामीणों की सूचना के बाद एक कर्मचारी को निगरानी के लिए तैनात किया गया था। बीते शुक्रवार को फिर धमाके हुए तो कर्मचारी ने इसका वीडियो बना लिया और अधिकारियों को दिखाया। ग्रामीणों का कहना है कि कुछ सेकंड के लिए धमाके की आवाज सुनाई देती है और आग दिखती है। पानी भी उछलता हुआ दिखा।

जैसा वीडियो में वैसा मौके पर कुछ नहीं

हालांकि शनिवार और रविवार को ऐसा नहीं हुआ। जीएसआइ के दल में शामिल वरिष्‍ठ वैज्ञानिक अरुण कुमार ने बताया कि धमाके एक ही क्षेत्र में हुए हैं। धमाके का जो वीडियो सामने आया है उस आधार पर कुछ भी कहना मुश्किल है। वीडियो में जो कुछ दिख रहा था... वैसा यहां मौके पर कुछ भी देखने को नहीं मिला है। हमने नमूने लिए हैं जिनकी जांच भोपाल लैब में होगी।

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