नई दिल्ली, जेएनएन। गुरु पूर्णिमा महोत्सव पर इस बार चंद्रग्रहण का असर देखने को मिला। चंद्रग्रहण के कारण 9 घंटे पहले सूतक लग गया था। ग्रहण के कारण गुरु पूजन 4.00 बजे तक ही हुआ।

ज्योतिषियों के अनुसार खंडग्रास चंद्र ग्रहण की स्थिति है। ग्रहण के कारण खगोलीय घटना करीब 2 घंटे 58 मिनट तक देखी जा सकेगी। 16 जुलाई की रात्रि 1.32 बजे ग्रहण का स्पर्श और रात्रि 4.30 ग्रहण मुक्त होगा। यम-नियम के अनुसार सूतक 3 प्रहर पहले यानी 9 घंटे पहले शुरू हुआ।

तीन घंटे तक रहने वाला यह ग्रहण एशिया, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिकी महाद्वीप में भौगोलिक और राजनीतिक उठा-पटक की वजह बन सकता है। ज्योतिषियों के अनुसार इस बार लगने वाले चंद्रग्रहण की वजह से पृथ्वी के बड़े भूभाग पर भूकंप, सुनामी, आगजनी और तूफान-चक्रवात जैसी प्राकृतिक आपदाएं तक आ सकती हैं।

धनु राशि में ग्रहण होने से सत्ताधीशों राजनेताओं और उच्च सलाहकारों के लिए मुश्किल बढ़ सकती है। ग्रहण उक्त महाद्वीपों के कुछ देशों-प्रदेशों में सत्ता परिवर्तन भी करा सकता है। सर्वाधिक खतरा बड़े भूकंप और सुनामी का है। ग्रहण का प्रभाव एक चंद्र-माह अर्थात रक्षाबंधन तक बना रहेगा।

क्या होता है आंशिक चंद्र ग्रहण?
आंशिक चंद्र ग्रहण तब होता है जब सूरज और चांद के बीच पृथ्‍वी घूमते हुए आती है, लेकिन वे तीनों एक सीधी लाइन में नहीं होते। ऐसी स्थिति में चांद की छोटी सी सतह पर पृथ्‍वी के बीच के हिस्‍से की छाया पड़ती है, जिसे अंब्र कहते हैं। चांद के बाकी हिस्‍से में पृथ्‍वी के बाहरी हिस्‍से की छाया पड़ती है, जिसे पिनम्‍ब्र कहते हैं। इस दौरान चांद के एक बड़े हिस्‍से में हमें पृथ्‍वी की छाया नजर आने लगती है।

किन देशों में दिखेगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में दिखाई देगा। दुनिया भर में यह ग्रहण एशिया, यूरोप, ऑस्‍ट्रेलिया और दक्षिण अमेरिका के अधिकतर हिस्‍सों में दिखाई देगा।

भारत में कहां-कहां दिखाई देगा चंद्र ग्रहण?
यह चंद्र ग्रहण पूरे भारत में देखा जा सकता है। लेकिन देश के पूर्वी क्षेत्र में स्थित बिहार, असम, बंगाल और अोडिसा में ग्रहण की अवधि में ही चंद्र अस्‍त हो जाएगा।

किस समय दिखेगा आंशिक चंद्र ग्रहण?
चंद्र ग्रहण कुल 2 घंटे 59 मिनट का होगा। भारतीय समय के अनुसार चंद्र ग्रहण 16 जुलाई की रात 1 बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा और 17 जुलाई की सुबह 4 बजकर 30 मिनट पर समाप्‍त हो जाएगा। इस दिन चंद्रमा पूरे देश में शाम 6 बजे से 7 बजकर 45 मिनट तक उदित हो जाएगा इसलिए देश भर में इसे देखा जा सकेगा।

इस ग्रहण को कैसे देख सकते हैं?
चंद्र ग्रहण को देखने के लिए किसी विशेष सावधानी की जरूरत नहीं होती है। चंद्र ग्रहण पूरी तरह से सुरक्षित होता है इसलिए आप इसे नंगी आंखों से देख सकते हैं। अगर आप टेलिस्‍कोप की मदद से चंद्र ग्रहण देखेंगे तो आपको बेहद खूबसूरत नजारा दिखाई देगा।

ग्रहण के दुष्‍प्रभाव से बचने के लिए क्‍या उपाय करें?
वैसे तो ग्रहण के पीछे वैज्ञानिक कारण हैं, लेकिन धार्मिक मान्‍यताओं में ग्रहण का विशेष महत्‍व है। ग्रहण काल को अशुभ माना गया है। सूतक की वजह से इस दौरान कोई भी धार्मिक कार्य नहीं किया जाता है। धार्मिक मान्‍यताओं में विश्‍वास रखने वाले लोग ग्रहण के वक्‍त शिव चालिसा का पाठ कर सकते हैं। साथ ही ग्रहण खत्‍म होने के बाद नहाकर गंगा जल से घर का शुद्धिकरण किया जाता है। फिर पूजा-पाठ कर दान-दक्षिणा देने का विधान है।

Posted By: Sanjeev Tiwari