नई दिल्ली, एएनआइ। भारतीय सेना के दक्षिणी कमान के प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल एसके सैनी सेना के नए उपप्रमुख होंगे। वह गणतंत्र दिवस से एक दिन पहले 25 जनवरी को इस पद को संभालेंगे। यह पद जनरल मनोज मुकुंद नरवणे के सेना प्रमुख बनने के बाद से खाली है। बता दें कि रक्षा विभाग के चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल बिपिन रावत की अध्यक्षता में सैन्य मामलों के विभाग द्वारा जारी एक वरिष्ठ सैन्य नियुक्ति का यह पहला आदेश है।

जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी बल की कमान संभाल चुके हैं जनरल सैनी

कपूरथला में सैनिक स्कूल और राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के पूर्व छात्र लेफ्टिनेंट जनरल सैनी को जून 1981 में जाट रेजिमेंट में कमीशन किया गया था। उन्होंने अपनी बटालियन (7 जाट) जम्मू-कश्मीर में एक आतंकवाद विरोधी बल की कमान संभाली।

पश्चिमी थिएटर में अधिकारी के तौर पर काम किया

जनरल सैनी ने दक्षिणी सेना के पुणे मुख्यालय की कमान संभालने से पहले पश्चिमी थिएटर में अधिकारी के तौर पर काम किया। सैनी राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड के प्रशिक्षण केंद्र, राष्ट्रीय रक्षा कॉलेज, नई दिल्ली में वरिष्ठ निर्देशन स्टाफ और भारतीय सैन्य अकादमी के कमांडेंट, देहरादून में हथियार प्रशिक्षक भी रह चुके हैं। 

इराक-कुवैत में संयुक्त राष्ट्र मिशन में काम किया

दक्षिणी सेना के कमांडर के रूप में, उन्होंने प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान उभरते खतरों और कई नई अवधारणाओं को मान्यता देने के लिए कमांड के परिचालन में परिवर्तन किया। उन्होंने इराक-कुवैत में संयुक्त राष्ट्र मिशन में उप-मुख्य सैन्य कार्मिक अधिकारी के रूप में भी काम किया। जनरल सैनी, मंगोलिया में ग्लोबल पीस ऑपरेशंस इनिशिएटिव और ऑस्ट्रेलिया में आतंकवाद-रोधी अभ्यास में शामिल रहे।

वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया

इस दौरान लेफ्टिनेंट जनरल सैनी को वीरता और विशिष्ट सेवा के लिए कई पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। इनमें चीफ ऑफ आर्मी कमेंडेशन, आर्मी कमांडर कमेंडेशन, युद्ध सेवा मेडल विशिष्ट सेवा मेडल (वीएसएम) और विशिष्ट सेवा मेडल शामिल है। 

Posted By: Tanisk

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