विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

प्रेम प्रसंग और बीमा की रकम के लिए प्रेमिका के पति को मार डाला, कोर्ट ने तीन आरोपियों को सुनाई आजीवन कारावास की सजा

Published: Sat, 11 Jul 2026 02:19 AM (IST)

प्रेम प्रसंग और बीमा की राशि हासिल करने के लालच में एक युवक द्वारा अपनी प्रेमिका के पति कालू की ...और पढ़ें

प्रेम प्रसंग और बीमा की रकम के लिए प्रेमिका के पति को मार डाला (सांकेतिक तस्वीर)

प्रेम प्रसंग और बीमा की रकम के लिए प्रेमिका के पति को मार डाला (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. राजस्थान के बांसवाड़ा जिले का मामला, तीन लोगों को उम्रकैद की सजा

  2. मृतक के हाथ पर अंग्रेजी में गुदे उसके नाम के टैटू से उसकी पहचान हो गई

जागरण संवाददाता, उदयपुर। प्रेम प्रसंग और बीमा की राशि हासिल करने के लालच में एक युवक द्वारा अपनी प्रेमिका के पति कालू की नृशंस हत्या करने के मामले में बांसवाड़ा जिला एवं सत्र न्यायालय ने मुख्य आरोपित को उम्रकैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।

अभियोजन के अनुसार, राजस्थान के बांसवाड़ा जिले का निवासी का गांव की ही शादीशुदा महिला से प्रेम संबंध था। महिला की बहन को भी इस रिश्ते की जानकारी थी। तीनों ने मिलकर हत्या की साजिश रची।

हत्या से पहले अप्रैल और नवंबर 2024 में कालू के नाम पर करीब 50 लाख रुपये का बीमा कराया गया था, ताकि हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देकर बीमा राशि हासिल की जा सके।

25 दिसंबर 2024 को आरोपितों ने कालू को शराब में नशीला पदार्थ मिलाकर पिलाया गया। बेहोशी की हालत में हाईवे पर ले जाकर उसके सिर पर डंडे से हमला किया गया और फिर शव को सड़क पर डालकर उस पर तीन बार कार चढ़ाई गई, ताकि पहचान मिटाई जा सके।

हालांकि मृतक के हाथ पर अंग्रेजी में गुदे उसके नाम के टैटू से उसकी पहचान हो गई। पुलिस ने जांच के दौरान प्रेम संबंध और बीमा पालिसियों के आधार पर मामले का राजफाश किया।

राजस्थान में मौत के आठ दिन बाद एएसआइ का स्थानांतरण

जोधपुर रेंज के आइजी की ओर से जारी 39 एएसआइ की स्थानांतरण सूची में एक ऐसा नाम भी शामिल है, जिसकी एक जुलाई को मौत हो चुकी है। बता दें कि बाड़मेर के बाटाडू चौकी प्रभारी रहे एएसआइ अनोपाराम का निधन जोधपुर के अस्पताल में हुआ था, लेकिन नौ जुलाई को उनका स्थानांतरण बालोतरा कर दिया गया।

मामला सामने आने के बाद इंटरनेट मीडिया पर लोग अलग-अलग प्रतिक्रिया दे रहे हैं। बता दें कि अनोपाराम ने पुलिस सेवा की शुरुआत कांस्टेबल के रूप में की थी। बाद में प्रमोशन के बाद वे हेड कांस्टेबल और फिर एएसआइ बने।