नई दिल्ली, एएनआइ। 19 जुलाई से शुरू हुए  संसद के मानसून सत्र में पेगासस, कृषि कानूनों, पेट्रोल डीजल की बढ़ी कीमतों को लेकर विपक्ष का हंगामा जारी है। इसके कारण दोनों सदनों की कार्यवाही सुचारू तरीके से चल नहीं पा रही। बुधवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने  विपक्ष के इस आचरण पर ऐतराज जताया और तल्ख लहजे में चेतावनी दे डाली। उन्होंने सदन में हंगामा करने वाले विपक्ष दलों के नेताओं को संबोधित कर कहा, ' आप संसद की मर्यादा और आसन के अपमान की कोशिश मत करिए। सदन की गरिमा बनाए रखें।' उन्होंने हंगामा करने वाले विपक्षी सांसदों से कहा कि उनके इस आपत्तिजनक व्यवहार पर कार्रवाई की जा सकती है। 

विपक्ष ने आज हद कर दी। दरअसल सदन के अध्यक्ष के आसन तक पहुंच विपक्षी सांसदोंं  ने अपने हाथ में ली गई तख्तियों को ऐसे रखा कि जवाब और चर्चा कर रहे सांसदों पर को अध्यक्ष देख न सके। विपक्षी दलों का सामूहिक प्रयास कैमरे के केंद्र में रहना था। वेल में पहुंच विरोध के नारे लगा रहे सभी नेताओं के हाथों में तख्तियां थी। अध्यक्ष ने अपने आसन के पास तख्तियां लहरा कर विरोध के नारे लगाने वाले तृणमूल कांग्रेस के सांसदों को चेताया। इसके बाद सदन को 15 मिनट के लिए स्थगित कर दिया गया।

दोबारा सदन के शुरू होने पर सदन की अध्यक्षता राजेंद्र अग्रवाल ने की। बीजू जनता दल के सांसद अनुभव मोहंती जब बोलने को खड़ा हुए विपक्ष ने फिर से तख्तियां लहराना शुरू कर दिया जिसपर राजेंद्र अग्रवाल ने भी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि इस तरह का होता रहा तो कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

Edited By: Monika Minal