मुंबई, पीटीआई। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्‍याहू के भारत दौरे को लेकर काफी चर्चा हो रही है। मगर उनके साथ इजरायल से एक मासूम बच्‍चा भी आ रहा है, जिसने 2008 के मुंबई आतंकी हमलों में अपने माता-पिता को खो दिया था। जी हां, बात कर रहे हैं लिटिश मोशे के नाम से मशहूर मोशे होल्ट्सबर्ग की, जो करीब नौ साल बाद मुंबई के नरीमन हाउस लौटेगा, जहां उसने अपना सब कुछ गंवा दिया था।

हमले में खो दिया था माता-पिता को

11 साल के मोशे ने मुंबई के नरीमन हाउस पर हुए आतंकी हमले में अपने माता-पिता को खो दिया था। उस वक्त वह सिर्फ दो साल का था। मुंबई हमले को पाकिस्‍तान आधारित आतंकी संगठन लश्‍कर-ए-तैयब्‍बा ने अंजाम दिया था। आपको बता दें कि नरीमन हाउस और ताज होटल समेत अन्य कई स्थानों पर हुए हमलों में 166 लोगों की मौत हो गई थी और काफी लोगों गंभीर रूप से घायल हुए थे। इन हमलों के घाव अब भी लोगों के मन में ताजा हैं। इनमें से एक मोशे भी हैं।

रिश्‍तेदार ने बचाई थी मोशे की जान

मृत परिजन के बीच खड़े और रो रहे बच्चे (मोशे) की जान उसकी भारतीय रिश्तेदार नैनी सैंड्रा सैमुअल्स द्वारा बचाई गई थी।

भारत दौरे को लेकर है उत्‍साहित

मोशे अपने भारतीय दौरे को लेकर बेहद उत्‍साहित है। मोशे के दादा रब्बी शिमोन रोजनबर्ग ने बताया, 'मोशे 15 जनवरी को मुंबई रवाना होने की तैयारी करते हुए बेहद उत्साहित और भावुक है। वह अपने जन्मस्थान लौट रहा है और वह अपने परजिन से जुड़ी कई चीजों को देखने का इंतजार कर रहा है, जिसके बारे में उसने हमसे और अपनी नैनी से सुना है।'

पीएम मोदी ने किया था वादा



यरुशलम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हुई एक भावुक मुलाकात के दौरान मोशे ने मुंबई आने की इच्छा जताई थी। मोशे ने मोदी से कहा था, 'मुझे उम्मीद है कि मैं मुंबई जा सकूंगा और जब मैं बूढ़ा हो जाउंगा, वहां रहूंगा। मैं हमारे चबाड़ हाउस का निदेशक बनूंगा।'

मोदी ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा था, 'भारत और मुंबई आओ और वहीं रहो। तुम्हारा तहे दिल से स्वागत है। तुम्हें और तुम्हारे पूरे परिवार को लंबी-अवधि के वीजा दिए जाएंगे, जिससे कि तुम कभी भी आ सको और कहीं भी जा सको।' नेतन्याहू ने उसी समय 14 जनवरी को अपने भारत दौरे के वक्त मोशे को अपने साथ चलने को कहा था।

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By Pratibha Kumari