मिड डे, मुंबई। लीलावती अस्पताल के एक ट्रस्टी ने अपने रिश्तेदार पर अस्पताल प्रबंधन में 500 करोड़ रुपये की हेराफेरी करने का आरोप लगाया है। मुंबई के पुलिस आयुक्त से मुलाकात कर ट्रस्टी ने अपने रिश्तेदार के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। लेकिन अस्पताल ने उनके आरोपों को खारिज किया है और इस संबंध में स्पष्टीकरण जारी किया है।

प्रबंधन एवं स्थायी ट्रस्टी निकेत मेहता आरोप लगाया है कि सुप्रीम कोर्ट ने इसकी जांच के लिए विशेष जांच दल गठित करने का आदेश दिया है। आयकर विभाग ने परिसर पर छापामारी भी की, लेकिन इस संबंध में कोई रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट में दायर नहीं की गई है।

निकेत ने कहा है, 'ट्रस्टी ने इस तथ्य को छिपाया है कि लीलावती अस्पताल एमएचएडीए की जमीन पर बना है। अस्पताल लीज की शर्तो से बंधा है। वह न तो किराया वसूल सकता है और न ही परिसर में कोई किराएदार रख सकता है। 12वें माले को अस्पताल की देखरेख के लिए रखा गया है। ऐसे में उसका किराया मांगना गैरकानूनी है। इस तथ्य को सुप्रीम कोर्ट से छिपाया गया।'

यह भी पढ़ें: 600 करोड़ घोटाले का आरोपी रघु शेट्टी गिरफ्तार

यह भी पढ़ें: चिटफंड घोटाले में दो अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट पेश

 

Posted By: Kishor Joshi