नई दिल्ली, जेएनएन। नाबालिग के यौन शोषण के आरोप में आसाराम को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। वहींं, सह आरोपी उसके छिंदवाड़ा स्थित आश्रम की वॉर्डन शिल्पी और सेवादार शरद को 20-20 साल की सजा सुनाई गई है। इस मामले में दो सह आरोपियों शिवा व प्रकाश को बरी कर दिया गया। कोर्ट ने आसाराम पर 1 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। आसाराम की सजा को लेकर कई नेताओं की प्रतिक्रियाएं भी सामने आई हैं।

पीड़िता व परिवार को मिला न्याय

'मैं फैसले का स्वागत करती हूं। केस में गवाहों पर हमले हुए, पीड़िता व उसके पिता को धमकियां दी गई। उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा, लेकिन आज उन्हें न्याय मिला। सबसे गंदा काम यह था कि स्वयंभू संत ने अपने भक्तों के साथ विश्वासघात किया।

वृंदा करात, माकपा नेता

'अब समय आ गया है, जब लोगों को सच्चे संतों और धोखेबाजों की पहचान करनी होगी। इस मामले से अंतरराष्ट्रीय जगत में देश की छवि खराब हुई।'

अशोक गहलोत, पूर्व सीएम राजस्थान

इस केस में मृत्युदंड नहीं

'हम फैसले का स्वागत करते हैं। इस केस का आरोपित बहुत ताकतवर व्यक्ति था। उस पर लोगों को भरोसा था। उसने संकट में भक्त की रक्षा की बजाय यौन हमला किया। इस केस में हाल में बने कानून के तहत मृत्युदंड नहीं हो सकता था, क्योंकि यह कानून पूर्व प्रभाव से नहीं बल्कि इसके लागू होने के बाद से अमल में लाया गया है।

स्तुति कक्कड़, अध्यक्ष, राष्ट्रीय बाल अधिकार आयोग

'यह ऐसे सभी पीड़ितों की जीत और सारे अपराधियों को संदेश है कि वह कानून की नजर से बच नहीं सकेंगे। पीडि़ता व उसके पिता सच्चे बहादुर व तारीफ के काबिल हैं।

उत्सव बैंस, पीड़िता के वकील

Posted By: Manish Negi

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