नई दिल्ली, जागरण ब्यूरो। देशभर से आए युवाओं से संवाद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने उन्हें सीख दी कि सफल व्यक्तियों की बायोग्राफी-आटोग्राफी पढ़ें। चंद शब्दों की सीख के इतर मोदी का मिलने का जो अंदाज था, वह इन नौजवानों के लिए 'प्रैक्टिकल क्लास' ही था।

सुबह युवाओं से कुछ सेकंड मिले पीएम ने शाम को संवाद में बताया

सुबह संसद के सेंट्रल हाल में कुछ सेकंड तक चलते-चलते जिन युवाओं से मुलाकात की, शाम को संवाद में यह तक बता दिया कि किसने क्या कहा था। सलाह भी दी कि जिससे मिलें, उससे मन से जुड़ें और याद रखें। नेताजी सुभाष चंद बोस की जयंती पर 'अपने नेता को जानो' कार्यक्रम के तहत देश के विभिन्न राज्यों के कुछ युवाओं को दिल्ली बुलाया गया।

नौजवानों को दी पीएम ने सलाह

जयंती कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मंगलवार को वह सभी संसद के सेंट्रल हाल पहुंचे। तमाम मंत्रियों-सांसदों से मिले और वहीं पर चलते-चलते पीएम मोदी ने भी सभी से परिचय किया। फिर इन सभी से प्रधानमंत्री आवास में संवाद किया। ऐसा लगा कि पीएम नई पीढ़ी को कुछ पढ़ाने-सिखाने के लिए बैठे थे, वह भी हल्के-फुल्के माहौल में। बोले कि आप सभी आठ-दस घंटे तो साथ हैं ही, कौन ज्यादा से ज्यादा नाम उनके राज्यों सहित बता सकता है। एक युवा ने कई के राज्य बता दिए।

युवती को पीएम मोदी ने तुरंत दिलाया याद

पश्चिम बंगाल की एक युवती ने जब बताया कि मैं विश्व भारती यूनिवर्सिटी से हूं, जहां के आप चांसलर हैं तो मोदी ने तुरंत याद दिला दिया कि यह तो आपने सुबह भी मुझे बताया था। फिर वह आगे परिचय कराने में अटकी तो हंसते हुए बोले- ऐसे थोड़ी चलता है। फिर नसीहत दी, 'कोई मिलता है तो हम कैजुअल लेते हैं। हम जागृत मन से किसी से मिलते हैं तो वह रजिस्टर्ड हो जाता है। मैं सुबह संसद में आप लोगों से चलते-चलते मिल रहा था।

आधा-एक सेकंड बात की, लेकिन मैंने आपको बता दिया कि यह बात आपने मुझे सुबह ही बताई थी, क्योंकि मैं उस समय भी ऐसे ही नमस्ते नहीं कर रहा था। भले ही पांच सेकंड था, लेकिन आपसे जुड़ रहा था। कोशिश करें कि जिससे मिलें, उसकी बात याद रहे, नाम याद रहे, चेहरा याद रहे।'

पीएम ने युवाओं से की बात

प्रधानमंत्री शायद इस प्रयास में थे कि युवाओं के मन में जो बात है, उसी को आगे बढ़ाया जाए। मसलन, एक युवती ने कहा कि मैं आपसे 2015 से कई बार सपने में बात कर चुकी हूं, इसलिए मानती हूं कि सपने जरूर देखें, वह हकीकत हो जाते हैं। दूसरी युवती बोली कि एकता में विविधता को सिर्फ किताबों में पढ़ा था, लेकिन यहां आकर महसूस किया। इस पर पीएम बोले- मेरा आप नौजवानों को सुझाव रहेगा कि जहां भी जाएं, बहुत बारीकी से चीजों को देखने का, उन्हें समझने का प्रयास कीजिए। नोट्स भी बनाने की आदत डालिए।

बहुत कुछ पढ़ने की डालिए आदद

बहुत कुछ है पढ़ने के लिए, पढ़िए। जब मौका मिले तो बायोग्राफी या आटोबायोग्राफी पढ़ें। विविधताओं भरा पढ़ें, जैसे खिलाडि़यों के जीवन के बारे में, कला जगत के लोगों के बारे में पढ़ सकते हैं। हरेक के जीवन में कैसी साधना होती है। साधना-तप से कैसे जीवन बनता है। तब लगता है कि उसने ऐसा किया, हम भी करेंगे। उससे जीवन में बहुत लाभ मिलता है।

पीएम ने व्यक्त किया अपना विचार

मेरा विचार है, हर महीने किसी के जन्मदिन पर युवाओं को बुलाएं पीएम ने युवाओं से प्रश्न पूछा- आज जब आप सेंट्रल हाल में बैठे थे, उसका इतिहास जानते हैं? आप जिन कुर्सियों पर बैठे थे, वहां कोई न कोई महापुरुष बैठे, जो संविधान बनाकर गए। फिर कहा कि जन्मदिन पहले भी आते थे। सदन में हम लोग जाते थे, फूल चढ़ाते थे। जिस महापुरुष का जन्मदिन है, उसकी यदि आडियो उपलब्ध है तो सुनने का मौका मिल जाता था, लेकिन हम पांच-पच्चीस लोग चले जाते थे।

फिर विचार आया कि किसी न किसी के जन्मदिन में देशभर से नौजवानों को बुलाया जाए। यह कल्पना, यह कार्यक्रम, आपने देखा-सुना, कैसा अनुभव किया आपने? इस पर युवाओं ने अपने अनुभव बताए कि संसद देख, मोदी से मिल वह रोमांचित हैं। एक युवा तो यह भी बोला कि पहली बार फ्लाइट में बैठने का मौका मिला है।

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Edited By: Ashisha Singh Rajput

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