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छत्तीसगढ़ में अभियोजन को सुने बिना भू-माफिया को जमानत, प्रशासन देगा चुनौती

Published: Thu, 01 Oct 2026 02:00 AM (IST)

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्रतीक्षा बस स्टैंड के समीप रिंग बांध तालाब की बेशकीमती जमीन के कागजों में हेर-फेर कर ...और पढ़ें

छत्तीसगढ़ में अभियोजन को सुने बिना भू-माफिया को जमानत (सांकेतिक तस्वीर)

छत्तीसगढ़ में अभियोजन को सुने बिना भू-माफिया को जमानत (सांकेतिक तस्वीर)

HighLights

  1. 24 सितंबर को गिरफ्तारी, अगले ही दिन मिल गई जमानत

  2. न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने 25 सितंबर को उसे जमानत दे दी

जेएनएन, अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में प्रतीक्षा बस स्टैंड के समीप रिंग बांध तालाब की बेशकीमती जमीन के कागजों में हेर-फेर कर खरीद-बिक्री के मामले में आरोपित आजाद इराकी को मिली जमानत के विरुद्ध प्रशासन सक्षम न्यायालय में अपील करेगा।

कलेक्टर अजीत वसंत ने उप संचालक अभियोजन को तत्काल अपील प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्टर ने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र भेजकर अभियोजन को सुने बिना जमानत दिए जाने की जानकारी भी दी है।

पुलिस ने आजाद को 24 सितंबर को प्रकरण दर्ज होने के बाद रायपुर से गिरफ्तार किया था। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी की अदालत ने 25 सितंबर को उसे जमानत दे दी।

प्रशासन के अनुसार खसरा क्रमांक 3714 की भूमि 1955-56 के अभिलेख में आदिवासी वर्ग के व्यक्ति के नाम थी। जांच में दस्तावेज में हेर-फेर कर भूमि गैर आदिवासी के नाम किए जाने की पुष्टि हुई है।

इसी आधार पर आजाद सहित नौ लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज किया गया। प्रशासन ने जमानत आदेश में अभियोजन की उपस्थिति और पक्ष सुने जाने को लेकर भी त्रुटि बताई है।

प्रशासन की ओर से मामले की गंभीरता और अनुसूचित जनजाति वर्ग के हितों को देखते हुए अपील का निर्णय लिया गया है।