तटीय निगरानी सख्त होने से टूट रही हाजी सलीम ड्रग्स सिंडिकेट की कमर, कई किलो अवैध नशीली दवाएं जब्त
लक्षद्वीप तट के पास भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस ने 3000 करोड़ रुपये के ड्रग्स का बड़ा भंडाफोड़ किया, ...और पढ़ें

कई किलो अवैध नशीली दवाएं जब्त ।
HighLights
लक्षद्वीप तट पर 3000 करोड़ रुपये के ड्रग्स जब्त।
हाजी सलीम के अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क को बड़ा झटका।
भारतीय तटरक्षक और गुजरात एटीएस का संयुक्त ऑपरेशन।
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। लक्षद्वीप तट के पास हाल ही में हुए तीन हजार करोड़ रुपये के बड़े ड्रग्स भंडाफोड़ ने अंतरराष्ट्रीय तस्कर हाजी सलीम के नेटवर्क को एक तगड़ा झटका दिया है।
यह कार्रवाई भारतीय तटरक्षक बल और गुजरात एटीएस के संयुक्त ऑपरेशन के तहत की गई, जिसमें 400 किलो मेथामफेटामाइन और 126 किलो उच्च गुणवत्ता वाली अवैध नशीली दवाएं जब्त की गईं। इसके साथ ही, इस गिरोह से जुड़े पांच पाकिस्तानी नागरिकों को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।
प्रारंभिक जांच से पता चला है कि इस भारी-भरकम खेप को तमिलनाडु के रास्ते अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की साजिश थी। पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई के समर्थन से चलने वाले इस कुख्यात सिंडिकेट के लिए अब भारत में अपने नापाक पैर पसारना बेहद मुश्किल होता जा रहा है।
कभी हाजी सलीम और दाऊद इब्राहिम के इस गिरोह के लिए गुजरात सबसे पसंदीदा रास्ता हुआ करता था। लेकिन तटीय सुरक्षा और निगरानी में भारी वृद्धि के बाद इस रूट पर कई बार तस्करों की कमर टूटी, जिससे उन्हें भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ा।
जब गुजरात का रास्ता असुरक्षित हो गया, तो सिंडिकेट ने दक्षिण भारत का रुख किया और ईरान से आ रही नाव को लक्षद्वीप के उत्तर-पश्चिम में रोक लिया गया। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की मुस्तैदी से अब यह नया समुद्री मार्ग भी तस्करों की पहुंच से बाहर होता जा रहा है।
इसके अलावा, तिरुअनंतपुरम के विझिंजम बंदरगाह और केरलम के कासरगोड तथा मलप्पुरम जैसे इलाकों में भी कड़ी चौकसी के चलते तस्करों के सारे विकल्प धीरे-धीरे समाप्त हो रहे हैं।
सुरक्षा जानकारों का मानना है कि इस नेटवर्क और आईएसआई के बीच गहरे गठजोड़ का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवाद को वित्तपोषित करना है। इस अवैध व्यापार से मिलने वाली आय का एक बड़ा हिस्सा भारत विरोधी गतिविधियों में इस्तेमाल होता है।
हालिया कार्रवाइयों के कारण इस सिंडिकेट को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा है। एक तरफ जहां अंतरराष्ट्रीय खरीदारों का भारी दबाव बना हुआ है, वहीं दूसरी ओर भारतीय एजेंसियों की पैनी नजर ने हाजी सलीम के हर नए रास्ते को बेनकाब कर दिया है।
यदि यह सख्ती ऐसी ही बनी रही, तो वह दिन दूर नहीं जब यह खतरनाक ड्रग्स नेटवर्क पूरी तरह नेस्तनाबूद हो जाएगा।
(समाचार एजेंसी आईएएनएस के इनपुट के साथ)
