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विधायी विशेषाधिकार के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट पहुंचे कॉमेडियन कुणाल कामरा, क्या है पूरा मामला?

Published: Tue, 29 Sep 2026 07:42 PM (IST)

स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने विधायकों के विधायी विशेषाधिकार और भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर इसके प्रभाव से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।

कुणाल कामरा ने विधायी विशेषाधिकार मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

कुणाल कामरा ने विधायी विशेषाधिकार मामले में सुप्रीम कोर्ट का रुख किया

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। स्टैंड-अप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने विधायकों के विधायी विशेषाधिकार के दायरे और उसके भाषण एवं अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रभाव से जुड़े मामले में हस्तक्षेप की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है। सुप्रीम कोर्ट की सात न्यायाधीशों की संविधान पीठ छह अक्टूबर से इस मामले की सुनवाई शुरू करेगी।

कामरा ने अपनी याचिका में कहा है कि महाराष्ट्र विधानसभा में उनके स्टैंड-अप स्पेशल नया भारत को लेकर लंबित विशेषाधिकार कार्यवाही के कारण वह इस कानूनी सवाल से सीधे प्रभावित हैं।

कामरा ने कहा कि नागरिकों की अभिव्यक्ति को रोकने के लिए विधायी विशेषाधिकार का इस्तेमाल लोकतांत्रिक व्यवस्था के मूल में मौजूद अधिकारों से जुड़ा प्रश्न है।

उनके कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लेकर किए गए मजाक के बाद विवाद हुआ था। भाजपा विधायक प्रवीण दरेकर ने कामरा और शिवसेना (यूबीटी) की प्रवक्ता सुषमा अंधारे के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस दिया था।

कामरा ने अपनी याचिका में कहा कि याचिकाकर्ता का मानना है कि उसका मामला यह दर्शाता है कि विधायी विशेषाधिकारों का प्रयोग न केवल प्रेस के सदस्यों की वाक और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को प्रभावित करता है, बल्कि किसी भी ऐसे नागरिक को प्रभावित करता है, जो विधायिका के सदस्यों के कार्यों के बारे में बोलना चाहता है।

(न्यूज एजेंसी पीटीआई के इनपुट के साथ)