'उसके पिता ही उसे बचा रहे हैं', मर्सिडीज हादसे पर मृतक की बेटी का छलका दर्द
कोच्चि में एक नाबालिग ने तेज रफ्तार मर्सिडीज से स्कूटर सवार जयाबालकृष्णन को टक्कर मार दी, जिससे उनकी मौत हो गई।

कोच्चि मर्सिडीज हादसे में जज के बेटे को जमानत
HighLights
नाबालिग ने मर्सिडीज से स्कूटर सवार को कुचला, मौत
न्यायाधीश के बेटे को दो बार आसानी से मिली जमानत
मृतक की बेटी ने पुलिस-न्यायपालिका की भूमिका पर उठाए सवाल
डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। कोच्चि में मर्सिडीज बेंज कार चला रहे एक नाबालिग ने तेज रफ्तार में एक स्कूटर को टक्कर मार दी, जिससे सड़क किनारे खाना बेचकर परिवार का गुजर-बसर करने वाले 55 वर्षीय जयाबालकृष्णन की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी नाबालिग अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश का बेटा है।
इस मामले में पुलिस और न्यायपालिका की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि आरोपी को बेहद आसानी से दो बार जमानत मिल गई, जबकि पीड़ित परिवार न्याय के लिए भटक रहा है।
आरोपी को मिली जमानत
मृतक की बेटी भद्रकीर्ति ने उस खौफनाक रात को याद करते हुए बताया कि उन्होंने अपने पिता से रात 1:49 बजे आखिरी बार बात की थी, जब वे अपनी काम की शिफ्ट खत्म करके घर लौट रहे थे। रविवार तड़के करीब 2:20 बजे यह हादसा हुआ, जब 104 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ रही मर्सिडीज ने उनके पिता के स्कूटर को टक्कर मार दी।
हैदराबाद में रह रही भद्रकीर्ति की सुबह 4:30 बजे पुलिस का फोन आया, जिसमें उन्हें पिता की मौत की सूचना दी गई।
इस हादसे के बाद आरोपी को थाने से ही पहली जमानत मिल गई, क्योंकि हादसे के मात्र 45 मिनट के अंदर ही आरोपी के जज पिता पुलिस थाने पहुंच गए थे। हालांकि, बाद में परिवार और स्थानीय लोगों के देर रात भारी विरोध प्रदर्शन के बाद मजिस्ट्रेट के सामने उसे दोबारा जमानत दी गई।
आरोपी पहले भी चलाता था कार
कार मालिक और आरोपी के पिता का यह दावा है कि उनका बेटा उस दिन पहली बार गाड़ी चला रहा था, जिसे पीड़ित परिवार ने खारिज कर दिया है। भद्रकीर्ति का कहना है कि उनके पास इस बात के पुख्ता सबूत हैं कि आरोपी पहले भी कई बार गाड़ी चला चुका है।
जांच में सामने आया है कि हादसे से पहले आरोपी पब्लिक इंस्टाग्राम अकाउंट चलाता था, जिसके 2,500 से अधिक फॉलोअर्स थे। उस अकाउंट पर उसकी कई ऐसी रील्स थीं, जिनमें वह उसी मर्सिडीज बेंज को 200 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ाते नजर आ रहा था।
हैरानी की बात यह है कि रविवार सुबह हादसे के कुछ ही घंटों के भीतर उस अकाउंट से सभी पोस्ट डिलीट कर दिए गए और उसे प्राइवेट कर दिया गया।
आरोपी को बचा रहे हैं उसके पिता
पीड़ित बेटी ने पुलिस के रवैये और आरोपी पक्ष के घमंड पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि दोषी के पिता ने उनके चचेरे भाई के साथ बेहद बदतमीजी से बात की और रौब दिखाते हुए कहा, मुझसे सवाल मत पूछो, मुझे कानून मत सिखाओ।
भद्रकीर्ति का आरोप है कि पुलिस आरोपी के पिता के रुतबे के आगे पूरी तरह डरी हुई थी। उन्होंने कहा, चाहे वह 17 साल का हो या 35 साल का, अपराधी होता है। अगर पिता अपने बेटे को बचा रहा है, तो उसे भी जेल होनी चाहिए।
भद्रकीर्ति ने कहा, यह 100 प्रतिशत पक्का है कि अगर आपके पास पैसा है, तो कानून आपके पक्ष में होगा, लेकिन आम आदमी के लिए नियम बिल्कुल अलग हैं।
