नरेन्द्र शर्मा, जयपुर। हांगकांग में चल रहे लोकतंत्र समर्थकों के आंदोलन का असर भारत में भी पड़ता नजर आ रहा है। हांगकांग में होने वाले दुनिया के सबसे बड़े ज्वेलरी फेयर में भारत की ओर से सबसे अधिक ज्वेलर राजस्थान से जाते हैं। इस मेले में जयपुर की ज्वेलरी की डिमांड सबसे अधिक रहती है। वहां हो रहे लोकतंत्र समर्थकों के आंदोलन के चलते राजस्थान के ज्वेलर्स में सुरक्षा को लेकर भय है।

11 से 22 सितंबर तक आयोजित होने वाले इस मेले में दुनिया के 54 देशों के चार हजार निर्यातकों ने स्टाल बुक कराए हैं। इनमें राजस्थान के 500 ज्वेलर्स शामिल हैं। देश और दुनिया में ज्वेलरी मार्केट के रूप में प्रसिद्ध जयपुर के ही 300 ज्वेलर्स ने स्टॉल बुक कराए हैं। आंदोलन के कारण इस बार कारोबार पर संकट है। आंदोलन के चलते मेले में लोगों के कम आने पर जयपुर के ज्वेलर्स को 750 से 800 करोड़ रुपये का नुकसान होने की आशंका है। जयपुर के निर्यातकों को पिछले साल आयोजित हुए हांगकांग ज्वेलरी फेयर में 1500 करोड़ रुपये से भी अधिक के ऑर्डर मिले थे। हांगकांग फेयर में हर चौथा बूथ भारतीय ज्वेलर्स का होता है। कई लोगों ने तो वहां स्थाई रूप से अपने दफ्तर तक खोले हुए हैं। लेकिन इस बार फेयर को लेकर भय का माहौल नजर आ रहा है।

हर साल 54 हजार लोग आते हैं
राजस्थान पर्यटन विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष एवं ज्वेलर राजीव अरोड़ा का कहना है कि दुनिया में तीन बड़े ज्वेलरी फेयर होते हैं। इनमें सबसे बड़ा फेयर हांगकांग में, दूसरा लास बेगास और तीसरा बैजल में होता है। लेकिन भारतीय और विशेषकर जयपुर के ज्वेलर्स को सबसे अधिक ऑर्डर हांगकांग के फेयर में ही मिलते हैं। अरोड़ा का कहना है कि हर साल करीब 54 हजार लोग इस फेयर में आते हैं। इस बार करीब 50 फीसद लोगों ने अपनी होटल और फ्लाइट की बु¨कग निरस्त करा ली है। इसका असर व्यापार पर पडे़गा। जयपुर के बड़े ज्वेलर अजय काला का कहना है कि भारत सहित दुनिया के कई ज्वेलर्स ने आयोजकों से फेयर की तारीख आगे बढ़ाने का आग्रह किया था, लेकिन आयोजक नहीं माने। अब कुछ लोगों ने वहां जाने का कार्यक्रम निरस्त किया है। हालांकि अधिकांश ज्वेलर्स ने अपने माल का इंश्योरेंस करा लिया है। वहां की सरकार ने भी सुरक्षा का पूरा भरोसा दिया है। जैम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट एसोसिएशन के पदाधिकारी निरंतर मेले के आयोजकों के संपर्क में हैं।

केंद्र से बात करने का दिया आश्वासन
राजस्थान सरकार इस बारे में केंद्र सरकार से बात करेगी। प्रदेश के उद्योग मंत्री परसादी लाल मीणा का कहना है कि अधिकारी ज्वेलर्स और केंद्रीय वाणिज्य एवं विदेश मंत्रालय के संपर्क में हैं। अधिक संकट दिखने पर मैं खुद केंद्र सरकार से बात करूंगा।

Posted By: Manish Pandey

डाउनलोड करें जागरण एप और न्यूज़ जगत की सभी खबरों के साथ पायें जॉब अलर्ट, जोक्स, शायरी, रेडियो और अन्य सर्विस