नई दिल्‍ली [जागरण स्‍पेशल]। संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा (United Nation General Assembly) में पाकिस्‍तान द्वारा भारत पर लगाए गए सभी आरोपों की महज पांच मिनट के जवाब में धज्जियां उड़ा दी गईं। संयुक्‍त राष्‍ट्र में भारत के अस्‍थायी मिशन में फर्स्‍ट सेक्रेट्री के पद पर कार्यरत और भारतीय विदेश सेवा की अधिकारी विदिशा मैत्रा (IFS officer in India's Permanent Mission in UN) ने राइट टू रिप्‍लाई (Right To Reply In UNGA) के तहत इमरान खान को जो जवाब दिया उसकी हर तरफ प्रशंसा हो रही है। संयुक्‍त राष्‍ट्र में 'राइट टू रिप्लाई' का इस्तेमाल करने वाली विदिशा 2009 बैच की आईएफएस अधिकारी हैं। 2008 की सिविल सर्विसेज परीक्षा में विदिशा ने पूरे देश में 39वां रैंक हासिल किया था। 2009 में ट्रेनिंग के दौरान उन्हें बेस्ट ट्रेनिंग अधिकारी के लिए गोल्ड मेडल मिला। विदिशा मैत्रा यूएन में सुरक्षा काउंसिल सुधार, सुरक्षा काउंसिल (पड़ोस/क्षेत्रीय) से जुड़े मुद्दों के अलावा शंघाई को-ऑपरेशन ऑर्गनाइजेशन (एससीओ), स्‍पेशल पॉलिटिकल मिशन, गुटनिरपेक्ष आंदोलन (NAM) समन्वय की भी जिम्मेदारी संभाल रही है।

27 सितंबर को किया था संबोधित

आपको बता दें कि 27 सितंबर को संयुक्‍त राष्‍ट्र महासभा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान (PM Narendra Modi Speech in UNGA) (Imran Khan Speech in UNGA) ने संबोधित किया था। भारत के प्रधानमंत्री ने इस दौरान जहां वैश्विक मुद्दों पर अपने विचार व्‍यक्‍त किए। वहीं, ये भी बताया कि विश्‍व की बढ़ती चिंताओं के लिए भारत क्‍या प्रयास कर रहा हैं।दूसरी तरफ पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने न सिर्फ पीएम मोदी पर निजी हमला किया, बल्कि भारत पर कई तरह के बेबुनियाद आरोप भी लगाए। पाकिस्‍तान द्वारा लगाए गए सभी आरोपों का भारत ने भी जवाब देने में ज्‍यादा समय नहीं लगाया।

इमरान के भाषण के दौरान बाहर होता रहा विरोध 

पाकिस्‍तान को जवाब देने की जिम्‍मेदारी विदिशा मैत्रा की थी। उनके द्वारा जबरन दिए गए 50 मिनट के भाषण में ज्‍यादा समय भारत पर आरोप लगाने और विश्‍व को परमाणु हमले (Nuclear Attack) की धमकी देने में ही बीता। उनका भाषण जबरन इसलिए था, क्‍योंकि भाषण के लिए दिए गए तय समय को उन्‍होंने एक नहीं कई बार नजरअंदाज किया। उनके सामने रखे हुए बजर को उन्‍होंने करीब तीन बार नजरअंदाज किया। यह बजर वक्‍ता को याद दिलाता है कि उसका समय समाप्‍त हो गया है। जिस वक्‍त इमरान भारत पर आरोप लगा रहे थे उसी वक्‍त यूएन के बाहर सड़कों पर हजारों बलूच मूवमेंट के समर्थक उनके खिलाफ नारेबाजी कर रहे थे। 

इमरान की सोशल मीडिया पर फजीहत 

इमरान खान ने यूएन में भाषण के दौरान नियमों को ताक पर रखने के अलावा कई गलतियां भी की। इसकी वजह से भी सोशल मीडिया पर उनकी काफी हंसी उड़ाई गई। इमरान ने अपने संबोधन के दौरान चार गलतियां की। इसमें उन्होंने तीन बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भारत का राष्ट्रपति बता दिया। इसके साथ ही इमरान ने भारत की जनसंख्या 1.2 अरब बताई,जबकि यह करीब 1.3 अरब है। वहीं, उन्होंने संघ के स्वयंसेवकों की पैंट को ब्राउन बताया, लेकिन यह खाकी होता है। सावरकर का उच्चारण सोलवाकर किया। सोशल मीडिया पर लोगों ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र महासभा में संबोधन के लिए पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शायद होमवर्क करके नहीं आए थे। इसलिए उनसे ऐसी गलतियां हुईं।

हंसी का पात्र बन गए इमरान खान

आपको यहां पर बता दें कि इमरान खान के संयुक्‍त राष्‍ट्र में दिए गए भाषण और उनके द्वारा किए गए ट्वीट के बाद कई लोगों ने उनकी कड़ी आलोचना की है और उनको अपशब्‍द तक कहे हैं। वहीं, इमरान को जवाब देने वाले कई यूजर्स ने भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यूएन में दिए भाषण को लेकर जबरदस्‍त तारीफ की है। कुछ ने इमरान खान के ट्वीट के जवाब में यहां तक कहा है कि पाकिस्‍तान में लोग भूख से मर रहे हैं, वहां पीने को पानी नहीं है, लेकिन उस देश के पीएम भारत पर परमाणु हमले की बात करते हुए शर्मिंदा नहीं होते हैं। एक यूजर ने यहां तक लिखा है कि इस्‍लाम को मानने वाले एक समुदाय के स्‍कूलों में दूसरे समुदाय के बच्‍चों को पढ़ने की इजाजत तक नहीं है। इस बारे में इमरान कभी कुछ क्‍यों नहीं कहते हैं। एक यूजर ने इमरान को जवाब देते हुए लिखा है कि पाकिस्‍तान की अमानवीयता को अब उसके ही पीएम ने सब जगह उजागर कर दिया है। वहीं, एक यूजर ने यह कहते हुए इमरान को कटघरे में खड़ा किया है कि उन्‍होंने साबित कर दिया है कि इस्‍लाम के नाम पर जेहाद को सही बताने वाले पाकिस्‍तान ने इसका जिक्र वैश्विक मंच पर करके अपना असली चेहरा दिखा दिया है।  

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Posted By: Kamal Verma

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