मो. इमरान खान, नारायणपुर। नक्सल घटनाओं को लेकर हमेशा सुर्खियों में रहने वाले नारायणपुर जिले की चर्चा इन दिनों पूरे देश में हो रही है। शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ने के बाद इसने ऐसी छलांग लगाई कि वित्तीय समावेशन और कौशल विकास के क्षेत्र में देश के आकांक्षी जिलों की सूची में 112वें पायदान से सीधे नंबर

वन पर पहुंच गया। जिसे देश के पिछड़े जिलों में शामिल किया था, प्रधानमंत्री ने उसकी उपलब्धियां देख यहां के जिला प्रशासन की पीठ थपथपाई है। यह कमाल संभव हो पाया कलेक्टर के संकल्प, प्रयासों और प्रशासन की जुझारू टीम की बदौलत।

छत्तीसगढ़ के नारायणपुर जिले को यह गौरव यूं ही नहीं मिला। जमीन से आसमान की बुलंदियां छूने के लिए दिन-रात काम हुआ। कलेक्टर पीएस एल्मा ने बताया कि एक लाख 39 हजार की आबादी वाले इस जिले में एक लाख 52 हजार खाते खोले गए हैं। गांव के 15 से 29 साल तक के अशिक्षित युवाओं को गांवों में ही शिविर लगाकर कौशल विकास का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इससे तीन हजार से अधिक युवक-युवतियों को रोजगार मिला। बैंकों से बेहतर तालमेल कर करीब चार सौ युवाओं को मुद्रा लोन योजना के तहत पांच करोड़ 36 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दिलाई गई। प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा, अटल पेंशन योजना और जनधन योजना के तहत बेहतर कार्य कर शत- प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया गया। इंटरनेट की सुविधाओं का विस्तार करते हुए 44 पंचायतों को हाईटेक बनाया गया। शिक्षा के क्षेत्र में जमीनी स्तर पर काम किया गया। खेल-खेल में अध्यापन कराने से बच्चों की क्षमता में वृद्धि हुई।

नक्सलियों का दंश झेलकर मुख्यालय में शरण लेने वाली आदिवासी महिलाओं और युवतियों को बिहान योजना के तहत स्वसहायता समूह बनाकर आत्मनिर्भर बनाया जा रहा है। आदिम जनजाति को प्रोत्साहित करने के लिए अबूझमाड़ की महिलाओं और युवतियों को साबुन, खिलौने, चूड़ी, सिलाई, कंपोस्ट खाद, बांस के आभूषण, फर्नीचर, ट्री गार्ड, झाड़ू आदि बनाने के साथ ही सीमेंट और इंटरलॉकिंग टाइल्स बनाने का प्रशिक्षण दिया गया। राजमिस्त्री का काम भी सिखाया गया है। आज ये महिलाएं आत्मनिर्भर बन अपने पैरों पर खड़ी हो रही हैं।

शिक्षक से प्रशासनिक मुखिया बनने वाले एल्मा ने बताया कि बैंकिंग सुविधाओं का लाभ दिलाने को बैंक अकाउंट खोलने, मनरेगा मजदूरी, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, बैंक खाते, पीडीएस, गैस कनेक्शन, स्कूलकॉलेज के छात्र- छात्राओं के अकाउंट और आधार सीडिंग करने लोक सेवा केंद्र एवं कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से जनसुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। कर्मचारी आदि का बैंकों के जरिए बीमा कराया जा रहा है। मल्टी जिम, लेडीज ब्यूटी पॉर्लर, बेकरी, मिनी राइस मिल, होटल व्यवसाय, शॉपिंग सेंटर, सुपर मार्केट, मल्टी कलर प्रिंटिंग प्रेस, छोटे लघु वनोपज आधारित प्रसंस्करण केंद्र से कोदो, कुटकी, कोसरा से चावल बनाकर पैकेजिंग कर मार्केटिंग की जा रही है। उन्होंने कहा कि तरक्की की यह रफ्तार अब थमेगी नहीं।

Posted By: Sanjay Pokhriyal

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