नई दिल्ली, जेएनएन। उत्तर भारत के पहाड़ों में हुई बर्फबारी और मैदानी इलाकों में हुई भीषण बारिश से जहां ठंड ने आहट दी है। उत्तर भारत सहित देश के अन्य राज्यों में भी भारी बारिश हुई। इनमें बंगाल, तमिलनाडु, पुडुचेरी, मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश और तेलंगाना के कई हिस्से शामिल हैं। अगले 24 घंटों में उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में बहुत भारी वर्षा होने की संभावना है। दूसरी ओर केरल में तेज बारिश के कारण आए बाढ़ के मद्देनजर 10 बांधों के लिए रेड अलर्ट जारी है। यहां कक्की डैम की दो फाटकों को खोल दिया गया है। सबरीमाला स्थित भगवान अयप्पा के मंदिर की यात्रा पर भी फिलहाल रोक लगा दी गई है। उधर, प्रदेश में बारिश व बाढ़ से मरने वालों की संख्या 35 हो गई है।

उत्तराखंड में मौसम का पहला हिमपात

उत्तराखंड में चार धाम में मौसम का पहला हिमपात हुआ है। वहीं, हिमाचल और कश्मीर के उच्च इलाकों में भी बर्फबारी ने ठंड बढ़ा दी है। बदरीनाथ, केदारनाथ समेत गंगोत्री और यमनोत्री में बर्फबारी हुई। पिथौरागढ़ जिले के उच्च हिमालय में भी बर्फ की चादर बिछ गई। कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर छियालेख से लिपुलेख और आदि कैलास मार्ग पर छियालेख से आदि कैलाश तक बर्फबारी जारी है। इसके चलते उत्तराखंड में 48 घंटे के अंदर तापमान में 12 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट हुई है।

दिल्ली में नौ डिग्री गिरा पारा

दिल्ली में दो दिन की झमाझम बारिश ने दिल्ली वासियों को ठंडक का अहसास भी अच्छे से करा दिया है। अधिकतम तापमान नौ डिग्री तक गिर गया। बुधवार से हवा की दिशा भी उत्तर पश्चिमी हो जाएगी। इसके साथ पहाड़ों पर हुई बर्फबारी की ठंडक भी दिल्ली आने लगेगी। हालांकि आने वाले दिनों में अभी ज्यादा बारिश की संभावना नहीं है, लेकिन ठंड अब धीरे-धीरे और बढ़ेगी।

पश्चिमी विक्षोभ है बारिश का कारण

स्काईमेट वेदर के उपाध्यक्ष महेश पलावत ने बताया कि मानसून की वापसी के बाद दिल्ली में बारिश लगभग गायब हो जाती है। आमतौर पर दिसंबर मध्य तक बारिश बहुत कम होती है। इसके बाद पश्चिमी विक्षोभों के असर से ही बारिश होती है। लेकिन, इस बार मजबूत पूर्वी प्रवाह और जम्मू-कश्मीर में कमजोर पश्चिमी विक्षोभ के कारण मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और राजधानी में भारी बारिश हुई। वहीं,

चार धाम यात्रा में पड़ावों पर रुके श्रद्धालु

उत्तराखंड मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए चारधाम यात्रा दूसरे दिन भी स्थगित रखी गई। लगभग 10 हजार श्रद्धालु यात्रा पड़ावों पर रुके हुए हैं। बदरीनाथ और केदारनाथ धाम में शनिवार शाम तक पहुंचे श्रद्धालुओं को सुरक्षित पड़ावों तक लाया जा रहा है। दोनों धामों में अब भी करीब पांच हजार श्रद्धालु वापसी के लिए मौसम खुलने का इंतजार कर रहे हैं। कुमाऊं में भी बारिश के चलते नैनीताल से करीब पांच हजार पर्यटकों ने बुकिंग निरस्त कर वापसी की राह पकड़ ली है। कार्बेट पार्क में डे सफारी व नाइट स्टे बंद कर दिया गया है।

बारालाचा व शिंकुला में ढाई फीट हिमपात, कई जगह फंसे पर्यटक

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के आरेंज अलर्ट के बीच बारालाचा व शिंकुला में दो से ढाई फीट ताजा हिमपात हुआ है। पर्यटन स्थल सरचू में डेढ़, कुंजुम और रोहतांग में एक-एक फीट बर्फबारी हुई है। अटल टनल रोहतांग की दोनों तरफ दो से तीन इंच बर्फ गिरने के बावजूद वाहनों की आवाजाही जारी है, जबकि स्पीति का शेष विश्व से संपर्क टूट गया है। बारिश से धान की कटाई का काम भी प्रभावित हुआ है। हिमपात के कारण शिंकुला में नौ व कुंजम के बातल में अभी 11 लोग फंसे हैं। हालांकि सभी लोग सुरक्षित हैं।

कश्मीर में ऊंचे पहाड़ों पर फिर हिमपात

कश्मीर के उच्च पर्वतीय इलाकों में सोमवार को दूसरे दिन भी हिमपात हुआ। निचले इलाकों में बारिश हुई। बर्फबारी और बारिश के चलते कई उच्च पर्वतीय इलाकों का एक-दूसरे से संपर्क कटा रहा। मौसम में बदलाव से कश्मीर में तापमान सामान्य से नीचे पहुंच गया और ठंड बढ़ गई है। 

Edited By: Monika Minal