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पसीने में भीगे थे नाना पाटेकर, रात 2:30 बजे दोस्त को मैसेज किया था- अच्छा नहीं लग रहा...

Published: Thu, 08 Oct 2026 09:57 AM (IST)Updated: Thu, 08 Oct 2026 10:08 AM (IST)

रात 2:30 बजे का समय था, जब नाना को लगा की उनकी तबीयत खराब हो रही है। इसी समय उन्होंने अपने दोस्त को मैसेज भेजा कि अच्छा नहीं लगा रहा...

नाना पाटेकर का निधन।

नाना पाटेकर का निधन।

HighLights

  1. नाना पाटेकर का 75 वर्ष की आयु में गोवा में निधन।

  2. रात 2:30 बजे दोस्त को तबीयत खराब होने का मैसेज भेजा।

  3. अस्पताल पहुंचने से पहले ही दिल का दौरा पड़ने से देहांत।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। हिंदी सिनेमा के जाने-माने और दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर का गुरुवार सुबह निधन हो गया है। नाना ने 75 साल की उम्र में दुनिया को अलविदा कहा। गोवा स्थित उनके घर पर दिल का दौरा पड़ने से उनका यह अचानक निधन हुआ। 

इसी बीच नाना पाटेकर के निधन को लेकर मणिपाल अस्पताल के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रमुख डॉ. शेखर साल्कर का बयान भी सामने आया, जिसमें उन्होंने बताया कि कैसे नाना की जब तबीयत बिगड़ी तो वो पूरी तरह से पसीने में भीगे हुए थे और फिर उन्होंने क्या किया?

नाना ने अपने दोस्त को भेजा मैसेज..

डॉक्टर ने बताया कि रात करीब 2:30 बजे नाना पाटेकर ने अपने एक दोस्त को मैसेज भेजा था कि उन्हें अच्छा नहीं लग रहा...तबीयत ठीक नहीं है। चूंकि रात का वक्त था, इसलिए उनके दोस्त ने वह मैसेज तुरंत नहीं देखा और बाद में उन्हें फोन किया।

इसके बाद नाना के दोस्त रात करीब 4:00 बजे उनके घर पहुंचे। तब उन्होंने देखा कि नाना पूरी तरह से पसीने में भीगे हुए थे और धीरे-धीरे अचेत हो रहे थे। इसके बाद उन्होंने उनके केयरटेकर को अस्पताल भेजा और अस्पताल की एंबुलेंस बुलाई गई।

जब नाना के घर पहुंची इमरजेंसी टीम

डॉक्टर ने बताया कि जब अस्पताल की इमरजेंसी टीम वहां पहुंची, तब तक वे पूरी तरह से अचेत हो चुके थे। टीम ने मौके पर ही सी शुरू कर दी और सुबह करीब 4:20 से 4:30 बजे के बीच उन्हें अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों ने भी पूरी कोशिश की लेकिन वे उन्हें बचा नहीं पाए।

45 मिनट के सीपीआर से भी नहीं बची जान

डॉक्टर साल्कर के अनुसार, नाना पाटेकर को अस्पताल 'ब्रॉट डेड' यानी मृत अवस्था में लाया गया था और सुबह करीब 5:30 बजे तक उन्हें आधिकारिक रूप से मृत घोषित कर दिया गया। साल्कर ने बताया कि डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लगातार 45 मिनट से एक घंटे तक CPR भी दी गई, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका।