नई दिल्ली(जेएनएन)। आदिवासियों की शिक्षा और उनके सर्वांगीण विकास के लिए समर्पित और विश्वभर में चर्चित संस्थान ‘कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोसल साइंसेज (किस) को बड़ा अंतरराष्ट्रीय सहयोग मिला है।

भुवनेश्वर, उड़ीसा स्थित इस संस्थान के संस्थापक अच्युत सामंता पहले ही संस्थान की अनूठी कार्यप्रणाली और स्वरूप के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इसी कड़ी में विगत 30 मार्च, 2017 को यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट प्रोग्राम, यूएनडीपी ने ‘किस’ साथ समाज के सबसे उपेक्षित वर्ग आदिवासियों के कौशल विकास के लिए मिलकर काम करने की इच्छा जताई। दोनो संस्थान ने नई दिल्ली स्थित यूएन कांफ्रेंस हॉल में कई गणमान्य लोगों की उपस्थिति में एक सहमति पत्र पर हस्ताक्षर किए हैं।

माना जा रहा है कि इस बड़े करार के बाद आदिवासी युवाओं को जॉब मार्केट के अनुरूप रोजगारपरक कौशल प्रशिक्षण देने में सुव्यवस्थित मदद मिल सकेगी। इस सहभागिता का एक उद्देश्य यह भी है कि सरकार के साथ-साथ उद्योग जगत, प्राइवेट सेक्टर, प्रशिक्षण देने वाले संस्थानों और गैर सरकारी संस्थान भी आदिवासियों के कौशल विकास के क्षेत्र में अपना योगदान देने साथ मिलकर पहल करें और आगे आएं।

इस अवसर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिनिधि यूरी अफानासिव, आदिवासी मामलों के केंद्रीय मंत्री श्री जुआल ओराम, कलिंगा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज के संस्थापक अच्युत सामंता के अलावा अन्य उड़ीसा के अन्य गणमान्य अधिकारी उपस्थिति थे। उन सभी ने एक स्वर में इस बड़ी पहल को अच्युता सामंता के जुनून और समाज के पिछड़े के विकास के लिए उनकी प्रतिबद्धता का परिणाम बताया और उनकी व्यक्तिगत रूप से प्रशंसा की।

Posted By: Suchi Sinha

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