मुंबई। आईपीएल टीम किंग्स इलेवन पंजाब की सह मालिक प्रीति जिंटा ने इस माह बीसीसीआई अधिकारियों के साथ हुई एक बैठक में एक सनसनीखेज खुलासा किया। प्रीति जिंटा ने कहा कि किंग्स इलेवन पंजाब के कुछ खिलाड़ी का संदिग्ध गतिविधियों में शामिल होना मुमकिन है। उन्होंने यह भी कहा कि इंडियन बोर्ड की भ्रष्टाचार रोधी इकाई इन आशंकाओं को प्रभावी रूप से काबू में रखने में नाकाम रही। जिंटा ने यह बात आईपीएल वर्किंग ग्रुप की मीटिंग में 8 अगस्त को कही।

दूसरी तरफ, प्रीति जिंटा ने ट्वीट कर एक अखबार में छपी मैच फिक्सिंग संबंधी रिपोर्ट को बकवास बताते हुए तथ्यों को तोड़-मरोड़ कर पेश करना बताया है। प्रीति ने ट्वीट कर कहा कि मैंने बीसीसीआई अधिकारियों को केवल खिलाड़ियों के अचानक पॉलीग्राफ (लाई डिटेक्टर) टेस्ट करने का सुझाव दिया था ताकि कोई भी मैच फिक्सिंग के बारे में सोचे भी नहीं। दरअसल मैं इस थ्योरी पर काम कर रही थी कि उपचार से ज्यादा सावधानी बेहतर है।

अखबार ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि प्रीटि जिंटा ने इस मीटिंग के दौरान कहा, 'मैंने इस तरह की संदिग्ध गतिविधियों को करीब से देखा था। इन्हें लेकर मैं पहले ही बोलना चाहती थी लेकिने मेरे पास कोई ठोस सबूत नहीं थे। जिंटा कहा, 'मैंने कई बार महसूस किया कि कुछ आईपीएल मैच जो कि मेरी टीम से साथ हुए वे पूर्व निर्धारित पैटर्न को फॉलो कर रहे थे।'

इस बैठक में आईपीएल वर्किंग ग्रुप के चारों सदस्य- आईपीएल चेयरमैन राजीव शुक्ला, बीसीआईआई सचिव अनुराग ठाकुर, बीसीसीआई कोषाध्यक्ष अनिरुद्ध चौधरी और पूर्व भारती कप्तान सौरव गांगुली भी मौजूद थे।

आईपीएल में भ्रष्टाचार पर जस्टिस आरएम लोढ़ा समिति की रिपोर्ट और चेन्नई सुपर किंग्स व राजस्थान रॉयल्स को दो सालों के लिए निलंबित करने के निर्देश के बाद बीसीसीआई ने 21 जुलाई को आईपीएल-9 का रौडमैप तैयार करने के लिए एक वर्किंग ग्रुप का गठन किया था। राजीव शुक्ला और अनुराग ठाकुर ने प्रीति जिंटा के दावों पर कोई टिप्पणी नहीं की।

अखबार की रिपोर्ट में कहा है कि एक सप्ताह से ज्यादा समय तक किंग्स इलेवन पंजाब के मैनेजमेंट के जरिये प्रीति जिंटा से संपर्क साधने की कोशिश की गई लेकिन उनकी तरफ से कोई उत्तर नहीं मिला। एक प्रवक्ता ने बताया कि जिंटा तक नहीं पहुंचा जा सकता क्योंकि वह यात्रा पर हैं।

सूत्रों के अनुसार, जिंटा ने अधिकारियों को बताया कि उन्हें आईपीएल में संदिग्ध गतिविधियों के बारे में तब पता चला जब लोगों ने मैच के नतीजों के बारे में उनके सामने भविष्यवाणी की और वे बिल्कुल सही साबित हुई। इसके बाद बॉलीवुड अभिनेत्री ने बोर्ड के अधिकारियों से कहा कि वह मनोविज्ञान की स्टूडेंट रहीं हैं और वह प्लेयर्स की बॉडी लैंग्वेज के साथ उनके माइंड को आसानी से पढ़ सकती हैं। प्रीति ने दावा किया कि उन्होंने उन खिलाड़ियों को मौका नहीं दिया जो ईमानदारी से नहीं खेल रहे थे। प्रीति ने कहा कि जिन्हें नीलामी के जरिए टीम में लिया था, उन्हें भी बैठाना पड़ा।

सूत्रों के अनुसार, प्रीति ने बताया कि इस मसले पर उन्हें एक खिलाड़ी के गुस्से का भी सामना करना पड़ा। उसने संदिग्ध खिलाड़ियों के बारे में अन्य फ्रेंचाइजी को सूचना दे दी। बीसीसीआई अधिकारियों ने प्रीति से पूछा कि इतना सब कुछ होने के बावजूद वह भ्रष्टाचार रोधी सुरक्षा इकाई को रिपोर्ट करने में नाकाम क्यों रहीं, तो उन्होंने बताया कि यूनिट केवल खिलाड़ियों को एक-दूसरे से बात करना बंद करवा सकता था। आईपीएल वर्किंग ग्रुप को बीसीसीआई के कानूनी सलाहकार यूएन बनर्जी इन मामलों में मदद कर रहे हैं। उम्मीद है कि इस मामले में 28 अगस्त को कोलकाता में बोर्ड की वर्किंग कमिटी की तय मीटिंग में फाइनल रिपोर्ट सौंप दी जाएगी।

Posted By: Kamal Verma

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